रेवाड़ी से कानपुर के बीच एचपीसीएल की पाइप लाइन में सेंध लगाने वालों पर एनएसए जैसी कार्रवाई होने के बावजूद तेल चोरों के हौसले बुलंद हैं। शनिवार रात ग्राम अंडा के जंगलों में चोरों ने वाल्व लगाकर तेल चोरी का प्रयास किया। हालांकि कानपुर स्थित एचपीसीएल के कंट्रोल रूम में अलार्म बज जाने के कारण तेल चोरी बच गई। एचपीसीएल के अधिकारी ने सहायल थाने में तेल चोरी के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
21 मार्च 2016 को सहायल थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन से गुजरी पाइप लाइन में तेल चोरों ने वाल्ब लगाकर तेल चुराया था। इसके बाद इटावा जिले के चौबिया एवं भरथना में भी तेल चोरी हुई। 24 जुलाई को नौ सदस्यों के एक गैंग को चौबिया थानापुलिस ने पकड़ा। चौबिया में पकड़े गए सदस्यों ने सहायल में हुई घटना में हाथ स्वीकार किया था। चौबिया में एक गैंग के पकडे़ जाने के बाद तेल चोर का दूसरा गैंग सक्रिय हो गया। दिबियापुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ में 24 सितंबर की रात पाइप लाइन में वाल्ब लगाकर तेल चोरी का कारनामा किया गया। यहां हजारों लीटर चोरों ने तेल पार कर दिया।
इस मामले में अभी तक तेल चोरी गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। जबकि 5 सदस्य अभी भी फरार चल रहे हैं। जेल में बंद गैंग के दो सदस्यों पर एनएसए जैसी कार्रवाई की जा चुकी है। शनिवार की रात तेल चोरों ने सहायल थानाक्षेत्र के ग्राम अंडा अघारा के जंगलों में एचपीसीएल पाइप लाइन से तेल चोरी का प्रयास किया। लेकिन सफल नहीं हो पाए।
घटनास्थल पर पहुंचे एचपीसीएल के इंजीनियर मृणाल सिन्हा, सीओ औरैया चौधरी रमेश सिंह, थानाध्यक्ष अखिलेश यादव ने निरीक्षण किया। बाद में इंजीनियर मृणाल सिन्हा की तहरीर पर तेल चोरी के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक रंजीत कुमार का कहना है कि मौके पर गड्ढा किया गया था। जबकि पाइप लाइन में एक वाल्व भी लगा था। हालांकि घटनास्थल पर तेल नहीं फैला था। इसलिए माना जा रहा है कि चोरी के प्रयास के समय ही मामला पकड़ में आ गया है।