शव आने पर रोती बिलखती महिलाएं
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अछल्दा में मंगलवार को मालगाड़ी के सामने पटरी पर सिर रखकर जान देने वाले अधेड़ की शिनाख्त हो गई। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी की शादी तय हो गई थी। लेकिन रुपये न होने के चलते उसे शादी की चिंता सता रही थी। शादी के लिए जब कहीं से रुपयों का इंतजाम न हुआ तो उन्होंने ट्रेन से कट कर जान दे दी।
बिधूना थानाक्षेत्र के गांव कछपुरा निवासी प्रमोद कुमार (45) खेती किसानी करके परिवार का जीवन यापन करते थे। प्रमोद कुमार के पास ढाई बीघा जमीन है। उनकी तीन बेटियां व एक बेटा है। बड़ी बेटी सुनीता की शादी प्रमोद ने बिधूना क्षेत्र के ही चंदपुरा गांव में तय कर दी। शादी तय करने के बाद प्रमोद रुपयों के इंतजाम में जुट गया। 13 फरवरी को शादी की तारीख तय हुई थी। तारीख नजदीक आने पर भी रुपयों का इंतजाम नही हो पा रहा था। शादी टूटने के डर से प्रमोद बीते एक सप्ताह से काफी तनाव में था।
मंगलवार सुबह वह घर से साइकिल लेकर निकले थे। अछल्दा आकर प्रमोद ने मालगाड़ी के सामने पटरियों पर सिर रख दिया। मंगलवार को उनकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। देर रात तक जब प्रमोद घर नही पहुंचे तो परिजनों ने तलाश शुरू की तो पता चला कि स्टेशन पर किसी ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। तब जाकर शिनाख्त हो सकी।
बेटी और पत्नी हुई बेसुध
मृतक का शव आते ही उसकी पत्नी दहाड़े मारकर रोते रोते कई बार बेहोश हुई। परिवार व गांव की महिलाओं ने उन्हें संभाला। उधर बड़ी बेटी सुनीता जिसकी शादी होनी थी वह बेसुध हो गई। पूरे गांव में शोक की लहर रही।