फफूंद (औरैया)। कसबे के बाबरपुर रोड पर शुक्रवार की रात दिबियापुर सीएचसी अधीक्षक से मारपीट और लूट के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया है। सीएचसी अधीक्षक ने तहरीर से लूट के आरोप को निकालकर महज मारपीट की शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए अधीक्षक के ड्राइवर को डॉक्टरी के लिए दिबियापुर भेजा। वहीं मारपीट की आरोपी क्लीनिक संचालिका व उसके पति ने सीएचसी अधीक्षक समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।
बताते चलें कि शुक्रवार की रात दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक जीतेंद्र यादव ने पुलिस को तहरीर दी थी कि फफूंद से गुजरने के दौरान बाबर रोड पर एक क्लीनिक की संचालिका और उसके पति ने उनकी गाड़ी रोकी और उनसे और चालक रिंकू पुत्र हाकिम सिंह निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी इटावा के साथ मारपीट की। चालक को बंधक बना लिया गया था। हमलावर सोने की चेन, अंगूठी और दो लाख रुपये भी लूट ले गए। वहीं क्लीनिक की संचालिका ने थाने पहुंचकर तहरीर दी कि सीएचसी अधीक्षक, ड्राइवर रिंकू और एक नर्सिंग होम के मालिक रामपाल कुशवाहा ने क्लीनिक में घुस आए और पैसे की मांग करने लगे। विरोध करने पर बहू के साथ छेड़छाड़ की। सीएचसी अधीक्षक की गाड़ी में बीयर की केन और नशे में धुत होने की बात भी तहरीर भी लिखी गई थी।
इस पूरे मामले में शनिवार को मोड़ आ गया। सुबह सीएचसी अधीक्षक जीतेंद्र यादव ने तहरीर बदल दी। नई तहरीर में खुद के व ड्राइवर के साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं। फफूंद थाना पुलिस ने क्लीनिक संचालिका के पति और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इधर क्लीनिक संचालिका का कहना है कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि क्लीनिक संचालिका की तहरीर पर अभी जांच चल रही है।
ड्राइवर रिंकू के दो वीडियो वायरल
फफूंद (औरैया)। शनिवार को पूरे दिन सोशल मीडिया में यह मामला छाया रहा। दो वीडियो अधीक्षक के ड्राइवर रिंकू के वायरल हुए। एक वीडियो में रिंकू का कहना है कि क्लीनिक संचालिका से उसने पांच हजार रुपये लिए हैं और डॉक्टर साहब को दिए हैं। दूसरे वीडियो में ड्राइवर रिंकू ने कहा है कि क्लीनिक संचालिका ने उसे बंधक बनाकर पैसा देने की बात जबरन कहलवाई है।
एक और वीडियो में डॉक्टर पर आरोप
दिन भर चर्चाओं के दौरान एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक महिला सीएचसी अधीक्षक पर डिलीवरी के समय प्रसूता के साथ छेड़छाड़ की घटना का खुलासा कर रही है। इस बारे में दिबियापुर सीएचसी अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि डेढ़ साल पुराने इस मामले में जांच के बाद आरोप झूठे निकले थे। मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी।