कोतवाली पुलिस को तहरीर देता पीड़ित अजित प्रताप सिंह।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के फफूंद तिराहे पर गुरुवार को जीजा से उसके साले ने तीन साथियों के साथ मिलकर नगदी सहित जेवरात लूट लिए। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। कानपुर देहात के थाना रूरा निवासी अजित प्रताप सिंह पुत्र चंद्रपाल सिंह का उसकी पत्नी से दहेज को लेकर न्यायालय में एक मुकदमा चल रहा है। इस दौरान पत्नी की ओर से पति से गुजारा भत्ता लेने का भी एक दूसरा मामला दर्ज कराया गया था। इसमें न्यायालय ने अजित प्रताप को दो हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था।
इसी के तहत गुरुवार को अजित एक साल का भत्ता24 हजार रुपये जमा करने के लिए ट्रेजरी में जा रहे थे। अजित ने बताया कि सुबह लगभग 11 बजे जैसे ही वह औरैया-फफूंद बाईपास पर पहुंचे, तभी ग्राम कुसमरा निवासी उसका साला अखिलेश सिंह पुत्र जयकरन तीन अज्ञात साथियों के साथ वहां आ गए। अजीत को रोककर उसने मारपीट शुरू कर दी। उसकी जेब में पड़े 24 हजार रुपये व दो अंगूठियां भी लूट लीं। अजीत के शोर मचाने पर ग्रामीण दौड़कर आए, लेकिन आरोपी भाग निकले। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लक्ष्मी नारायण वर्तमान में फतेहगढ़ कंट्रोल रूम में एसआई के पद पर तैनात थे। मूल रूप से कानपुर देहात के अमराहट थाना क्षेत्र के ग्राम सिजरौली के रहने वाले थे। वर्तमान मेें उन्होंने औरैया में जालौन चौराहे के पास अपना आवास बनवा लिया था। जहां परिवार सहित रह रहे थे। रिश्तेदारी में फरीदपुर कानपुर देहात में होने वाली एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए 16 मई को छुट्टी पर आए थे। 20 मई को वापस ड्यूटी पर जाना था। लक्ष्मी नारायण के एक पुत्री व दो पुत्र हैं। इसमें एक एक पुत्र वैभव यादव व एक पुत्री की शादी हो चुकी है। एक छोटा पुत्र सौरभ यादव पढ़ रहा है।