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चोरों ने एचपीसीएल पाइप लाइन में लगाया था वाल्व

Tue, 22 Mar 2016 11:39 PM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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इसी प्वाइंट से चोरी हो रहा था डीजल - फोटो : amar ujala beuro
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क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन सूख से गुजरी हिंदुस्तान पैट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की पाइप लाइन में अज्ञात चोरों ने वाल्ब लगाया था। एचपीसीएल कानपुर के उपप्रबंधक मृणाल सिन्हा की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ सहायल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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एचपीसीएल कानपुर के उपप्रबंधक परिचालन मृणाल कुमार सिन्हा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि रेवाड़ी कानपुर पाइपलाइन नवीमोहन सूख से होकर गुजरती है। 21 मार्च की सुबह सुरक्षा कर्मी चंद्रिकाप्रसाद पुत्र देवी प्रसाद निवासी सहायल ने बताया कि पाइप लाइन 384.2 पर ग्राम नवीमोहन सहायल में बड़ा रिसाव हो रहा है। पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए शिवसिंह पुत्र विजयबहादुर निवासी सिरसानी थाना बेला की पैट्रोलिंग क्षेत्र 375 से 385 तक मौजूद थे। जब हमने निरीक्षण किया तो पाया तो चोरी के इरादे से वाल्व लगाया गया। इससे भारी रिसाव हुआ। उक्त रिसाव से लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ।

उपप्रबंधक की तहरीर पर आईपीसी की धारा 379, 427, 3 पैट्रोलियम एक्ट, 3/4 पब्लिक डैमेज एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इधर, घटनास्थल की ठीक पड़ोस में स्थित नवीमोहन सूख के राजा तिवारी का खेत डीजल से भर गया है। उनका अनुमान है कि उनके खेत में कई सालों  तक फसल नहीं हो पाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कंट्रोल रूम को अभी भी शक है कि ऐसे प्वाइंट कई स्थानों पर हो सकते हैं। कंट्रोल रूम में प्रेशर लीक की लगातार सूचना मिल रही है। इसकी पुष्टि डिप्टी मैनेजर हिंदुस्तान पेट्रोलियम मृणाल सिन्हा ने की। बताया कि इस तरह के तेल चोरी करने के कई अन्य प्वाइंट भी हो सकते हैं। कंट्रोल रूम के पास भी ऐसी सूचना है।

आखिर कौन दे रहा है पाइप लाइन की लोकेशन
कंचौसी (औरैया)। नवी मोहन में हुई डीजल चोरी की घटना ने सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लिए यह जांच का विषय है कि आखिर चोरों तक पाइप लाइन की सही लोकेशन कैसे पहुंच रही है। कहीं पाइप लाइन की लोकेशन देने में कंपनी के किसी कर्मचारी की मिली भगत तो नहीं है। वहीं पाइप लाइन में प्वाइंट लगाने की निगरानी क्यों नहीं की गई। इतने लंबे समय तक डीजल चोरी कैसे होता रहा। यदि रविवार को लीकेज खेत तक न पहुंचता तो हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारी खामोश रहते।
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