थाना क्षेत्र के राणानगर की प्रकाश कालोनी में सोमवार दोपहर एक युवक ने दिनदहाड़े घर में घुसकर कृषि मंत्रालय, दिल्ली में वरिष्ठ बागवानी अधिकारी डॉ. शांता कुमार दुबे की मां का गला रेत दिया। कानपुर के रीजेंसी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। वारदात करने वाला कौन था, यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है। पुलिस की छानबीन में घर में रखे जेवर व अन्य सामान सुरक्षित मिले। खबर पाकर बागवानी अधिकारी दिल्ली से घर के लिए रवाना हो गए हैं।
जनता महाविद्यालय अजीतमल में लैब असिस्टेंट रहे सुभाष चंद्र द्विवेदी की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है। उनकी पत्नी कृष्णा देवी दिबियापुर थाने के राणानगर की प्रकाश कालोनी के एक मकान में अकेली रहती हैं। डॉ. शांता कुमार दुबे उनके इकलौते पुत्र हैं। सोमवार दोपहर उनके घर के पास में ही एक मकान में मजदूरी कर रहे युवक ने देखा कि कृष्णा देवी के मकान से एक युवक तेजी से निकला और बाहर बाइक लेकर खड़े युवक के साथ भाग निकला। पीछे से लहूलुहान हालत में निकलीं कृष्णा देवी मेन गेट पर आकर गिर पड़ीं।
मजदूर ने कृष्णा देवी के गले में कपड़ा बांधा और शोर मचाया। मोहल्ले के लोगों ने भगवतीगंज में रहने वाले कृष्णा देवी की बहू दीप्ति के भाइयों प्रशांत त्रिपाठी व आशीष त्रिपाठी को सूचना दी। प्रशांत और आशीष कृष्णा देवी को दिबियापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने कानपुर रेफर कर दिया।
थानाध्यक्ष नफीस सिद्दीकी ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। बागवानी अधिकारी दिल्ली से चल दिए हैं। हमले के कारणों की पड़ताल की जा रही है। घर में जेवर व अन्य सामान सुरक्षित मिले हैं। घर में रखे चाकू से ही हमला किया गया है। यह भी संभव है कि युवक लूट के इरादे से घर में घुसा हो। कृष्णा के विरोध करने पर चाकू से हमला कर हड़बड़ाहट में भाग निकला। वृद्धा के होश में आने पर स्थिति साफ होगी।