मुरादगंज (औरैया)। नाबालिग लड़की के शादी रुकवाने का प्रार्थना पत्र मिलने के बाद प्रशासनिक अफसरों ने लड़की के पिता को शादी रोकने के निर्देश दिए हैं। लड़की के पिता ने भी ससुरालीजनों से बारात न लाने की बात कही है। साथ ही उसकी दूसरी लड़की की शादी की तैयारी जारी रही। हालांकि किशोरी ने अफसरों को बताया कि उसने इस संबंध में कोई पत्र नहीं भेजा था।
अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के एक नाबालिग किशोरी के नाम से सोमवार को एसडीएम अजीतमल को पिता द्वारा जबरन शादी कराए जाने की बात लिखा हुआ एक रजिस्टर्ड पत्र मिला था। तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति और कोतवाली प्रभारी बलिराज शाही ने गांव पहुंचकर उसके बयान लिए। लड़की ने बताया कि उसकी ओर से कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया था। किसी शरारती तत्व ने यह हरकत की है। उसे अपने पिता से कोई शिकायत नहीं है।
उधर, किशोरी के पिता ने बताया कि उसने दो बेटियों की शादी तय की थी। एक साथ दोनों की शादी की जानी थी। छोटी लड़की प्रमाणपत्रों के अनुसार अभी बालिग नहीं है, इसलिए कानून का पालन करेंगे।
गांव पहुंचे तहसीलदार व कोतवाली प्रभारी ने भी उसे लड़की के बालिग न होने की बात कह शादी न करने से रोक दिया। इस पर ग्रामीण ने बालिग पुत्री की शादी किए जाने व छोटी लड़की की बारात न बुलाने की बात कही। गांव के बुजुर्गों ने भी अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि नाबालिग की शादी नहीं की जाएगी।
नाबालिग किशोरी ने कहा, उसने नहीं भेजा पत्र
जांच करने पहुंचे अफसर, किशोरी के नाबालिग निकलने पर शादी पर लगाई रोक
अमर उजाला ब्यूरो