अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पीड़िता कोतवाली के चक्कर लगा रही है। पुलिस की कार्रशैली को लेकर परिजनों में आक्रोश है।
सदर कोतवाली के मोहल्ला बनारसीदास निवासी पीड़िता अंजलि ने इंस्पेक्टर मदन गोपाल गुप्ता को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता अंजलि ने बताया कि उसकी शादी 3 जून 2017 को अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के कस्बा बाबरपुर निवासी मोहित पोरवाल पुत्र रमेश चंद्र पोरवाल से हुई थी। शादी के दौरान उसके ससुरालीजन की ओर से विदा कराने से पहले अतिरिक्त दहेज में एक कार की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। भाई रवि गुप्ता से कार दिलाने की मांग की।
पति मोहित भी कार की मांग को लेकर मारपीट कर चुका है। उसने 29 दिसंबर 2017 को अपने मायके वालों को इसकी सूचना दी। भाई रवि गुप्ता व राहुल के अलावा मध्यस्थ राजीव गुप्ता दूसरे दिन ससुरालीजनों को समझाने पहुंचे। तो ससुरालीजनों ने मारपीट कर दी। पुलिस ने शिकायत पर उसके भाई व ससुरालियों को शांति भंग में जेल भेज दिया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने कोतवाली अजीतमल में शिकायत की तो उसे औरैया का मामला बताकर टाल दिया।
औरैया कोतवाल मदन गोपाल गुप्ता ने घटना स्थल अजीतमल होने की बात कह उसे चलता कर दिया। इस मामले में कोतवाली इंस्पेक्टर मदन गोपाल गुप्ता का कहना था कि मामला परिवार का है। दोनों पक्षों को कल बुलाया गया है। उसके बीच वार्ता के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।
इस संबंध में महावीर शर्मा एडवोकेट ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत किसी भी थाना कोतवाली में पीड़ित प्राथमिकी दर्ज करा सकता है। इससे घटना स्थल के थाना कोतवाली में ही मामला दर्ज होने जैसे कोई बाध्यता नहीं होती।
-दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराने को भटक रही पीड़िता