औरैया। ग्राम खानपुर फफूंद निवासी मोतीदास ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा कि गांव में बाल आश्रम का संचालन हो रहा था। संत मुक्तामणि दास ने अपनी वसीयत में पांच सदस्यों की एक समिति गठित की थी। बाद में संत का निधन हो गया।
आरोप लगाया कि चरनदास निवासी असू थाना सहायल ने डरा धमकाकर खुद को महंत घोषित कर लिया। मोतीदास, सोबरन सिंह, राजू प्रजापति, रामलखन, शिव कुमार दोहरे इस समिति के सदस्य हैं। सदस्यों ने चरनदास को खराब आचरण और व्यवहार पर समाज से बहिष्कृत कर दिया था लेकिन वह जबरन आश्रम पर कब्जा किए है। डीएम ने न्याय का भरोसा दिलाया है।
-डीएम ने न्याय का भरोसा दिलाया
अमर उजाला ब्यूरो