उरई। उरई कानपुर सेक्शन के बीच सरसौखी के पास रेलवे ट्रैक पर रखी सीमेंट की बोरी व पोल के मामले में जांच कर रही आरपीएफ अब एक्शन मोड में आ गई है। मंडलीय अधिकारियों द्वारा इस मामले में रखी जा रही कड़ी नजर के बाद आरपीएफ टीम ने सरसौखी स्टेशन के नजदीक के आधा दर्जन गांवों में दबिश दी। उन्होंने गांवों में संदिग्धों के बारे में ब्योरा जुटाया। साथ ही गांववालों को अपने नंबर बांटकर किसी भी तरह की सूचना मिलने पर उन्हें अवगत कराने को कहा।
बता दें कि 6 अक्तूबर की रात लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के सामने सरसौखी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के बीच में सूखे सीमेंट की बोरी व पोल ट्रैक पर पड़ा था। जिससे टकराकर ट्रेन निकल गई थी। ट्रेन के चालक मानसिंह ने भी स्वीकार किया था कि उसे ट्रैक पर पोल दिखाई दिया था।
जबकि मौके पर पहुंची आरपीएफ, जीआरपी व इंजीनियरिंग विभाग की टीम को सूखे सीमेंट की बोरी भी मिली थी। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद रेलवे में हड़कंप मच गया था। चार सदस्यीय टीम ने संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार की थी। यही नहीं आरपीएफ, जीआरपी, सिविल पुलिस व रेलवे अलग अलग स्तर पर अपनी जांच कर रही है।
आरपीएफ की जांच टीम के सदस्य दरोगा रजनीश राय, ओमवीर सिंह, रामप्रताप सिंह, धीर सिंह ने सरसौखी स्टेशन के नजदीक के गांव करमेर की प्रधान रजनी देवी, चमारी की प्रधान सीमा, सरसौखी के प्रधान वीरेंद्र कुमार, मिनौरा कालपी के प्रधान रामकुमार के अलावा अजनारा व जौराखेरा गांव में दबिश दी।
उन्होंने प्रधानों से संदिग्धों के बारे में पूछा। इन प्रधानों ने बताया कि गांव के बदमाश टाइप के व्यक्ति इस समय गांव में नहीं है। इस पर जांच टीम ने इन छह गांवों के प्रधानों व गांववालों को अपने मोबाइल नंबर देकर कहा कि यदि उन्हें इस मामले में कोई सुराग मिलता है तो तत्काल उन्हें अवगत कराएं।
फालोअप
ट्रैक पर पड़ी सीमेंट की बोरी से पुष्पक एक्सप्रेस के टकराने का मामला