उरई। कहासुनी के बाद रविवार रात उरई मेडिकल कालेज के छात्रों व कुछ बाहरी युवकों में बवाल हो गया। मेडिकल छात्रों ने एक युवक को पीटने के बाद उसकी कार में आग लगा दी। लपटों से पांच कच्ची दुकानें भी जल गईं। कई थानों की पुलिस ने लाठियां पटककर छात्रों को खदेड़ा। मेडिकल छात्रों ने आरोपियों की गिरफ्तारी व कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सोमवार सुबह से ही ओपीडी ठप कर दी। प्राचार्य दफ्तर का घेराव भी किया। एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि तीनों पक्षों से तहरीर लेकर मामले दर्ज किए जाएंगे। घायल युवक को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है।
रविवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जालौन रोड निवासी हिमांशु गुर्जर अपने तीन साथियों के साथ हाईवे स्थित ढाबे पर खाना खाने गया था। वहीं मेडिकल कालेज के छात्र-छात्राएं भी थे। किसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। उस वक्त तो मेडिकल छात्र ढाबे से निकल आए लेकिन कुछ देर बाद ही हिमांशु की गाड़ी मेडिकल कालेज के गेट के सामने से गुजरी तो उन्होंने कार रोक ली। छात्रों के तेवर देख कार सवार भागने लगे।
बैक करते वक्त कार का पहिया नाले में फंसा तो छात्रों ने हिमांशु को कार से खींचकर पीटना शुरू कर दिया। उसकी कार में आग लगा दी। आग से कार के टायर दगने लगे। इससे फैली आग से राजेंद्र नगर निवासी जितेंद्र का चाय का होटल, मुन्ना की किराने की दुकान, लल्लू सिंह की फल की दुकान के अलावा दो पान की गुमटियां भी जल गईं। तीन से चार लाख के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सड़क पर लाठियां पटककर छात्रों को मेडिकल कालेज कैंपस के भीतर खदेड़ दिया। छात्रों का आरोप है कि बाहरी लड़कों ने कैंपस में घुसकर हवाई फायरिंग की, जिससे उन्हें सामना करना पड़ा।
सोमवार सुबह मेडिकल कालेज के छात्र-छात्राओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ओपीडी ठप कर दी। छात्र छात्राओं का आरोप था कि अक्सर बाहरी लड़के कैंपस में आकर छात्राओं से छेड़खानी करते हैं। कालेज परिसर में सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं हैं। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती तब तक ओपीडी नहीं चलने देंगे। छात्र छात्राओं ने प्राचार्य आरके सिंह के आफिस का घेराव कर धरना भी दिया। ओपीडी ठप होने से दूरदराज से आने वाले मरीजों को भी असुविधा हुई। इमरजेंसी और वार्ड की सेवाएं बाधित नहीं हुईं।
मारपीट में कुछ मेडिकल छात्रों को भी चोटें आई हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के डर से कोई सामने नहीं आ रहा है। एएसपी का कहना है कि अभी तक किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। फायरिंग मेडिकल छात्रों ने की या कार सवार युवकों ने, यह अभी साफ नहीं हो सका है। घायल हिमांशु, मेडिकल छात्रों और जिनकी दुकानें जली हैं, सभी से तहरीर लेकर अलग अलग मामले दर्ज किए जाएंगे। प्राचार्य आरके सिंह का कहना है कि विवाद की सही वजह पता की जा रही है। यदि छात्र दोषी पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
उधर कानपुर के रीजेंसी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि हिमांशु को 8 अक्तूबर को देर शाम इमरजेंसी में लाया गया था। वहां उसकी मरहम-पट्टी की गई। साथ आए लोगों ने उसे भर्ती कराने के लिए सुपर डीलक्स रूम भी बुक कराया, पर सोमवार को हिमांशु अस्पताल नहीं आया।
-जालौन में बवाल, युवक को पीट कार में आग लगाई, पांच दुकानें भी जलीं
-पुलिस ने लाठियां पटककर छात्रों को खदेड़ा, घायल युवक कानपुर रेफर
अमर उजाला ब्यूरो