जालौन। बच्ची के अपहरण के प्रयास के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध वैगनआर कार का नंबर ट्रेस किया है, जो झांसी जिले का है। कोतवाली पुलिस की एक टीम झांसी पहुंचकर जांच में जुटी है। प्राथमिक जांच में कार का नंबर फर्जी मिला। लिहाजा पुलिस अब जालौन व झांसी के गैराजों में वारदात में प्रयुक्त कार को तलाश रही है। वहीं, किशोरी के पिता ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है।
बता दें कि रविवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे वैगनआर कार सवार बदमाशों ने मोहल्ला गणेशजी निवासी अनिल उर्फ मंगल चौरसिया की 11 वर्षीय पुत्री प्रिया को जबरन कार में खींचकर बैठा लिया था। प्रिया के चीखने चिल्लाने पर बदमाश उसे उरई रोड स्थित एलआईसी के पास सड़क पर फेंककर भाग निकले। राहगीरों की सूचना पर प्रिया के पिता उसे लेकर कोतवाली पहुंचे थे।
प्रिया की निशानदेही पर शुरू हुई पुलिस की जांच एक ब्राउन कलर की वैगनआर गाड़ी के वारदात में शामिल होने के सबूत मिले। इसके बाद पुलिस ने एक संदिग्ध कार का नंबर भी ट्रेस किया गया, जो कि झांसी का था। सीसीटीवी फुटेज में मिली संदिग्ध गाड़ी की जांच के लिए पुलिस कर्मियों की टीम झांसी पहुंच गई है। टीम ने रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लॉजा पर भी सीसीटीवी फुटेज को चेक किया। फिर भी सफलता हाथ नहीं लगी।
वहीं, पुलिस की जांच में वैगन आर का नंबर भी फर्जी निकला। अब पुलिस वाहन की तलाश में जुटी है। प्रिया के अपहरण के मामले को लेकर कोतवाल संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। साथ ही वैगन आर को भी खोजने का प्रयास जारी है। शीघ्र ही बदमाश पुलिस की गिरफ्त में होंगे। वहीं, किशोरी के पिता ने अभी तक कोतवाली में तहरीर नहीं दी है।
फालोअप
जालौन में बच्ची के अपहरण के प्रयास का मामला
अमर उजाला ब्यूरो