कदौरा। मरगांया गांव में एक घर में जलता हुआ दीपक बिस्तर में गिरने से अचानक आग लग गई। आग की लपटें देखकर घरवालों ने भागकर जान बचाई, लेकिन आग से घर में रखा अनाज व गृहस्थी जलकर राख हो गई। चीख पुकार सुनकर आए ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। वहीं जानकारी पाकर एसडीएम कालपी सतीश चंद्र ने लेखपालों की टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया।
कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मरगंाया निवासी शिवकली पत्नी स्व पप्पू मंगलवार रात अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ कमरे में सो रही थी। कमरे में एक दीपक जल रहा था। देर रात करीब एक बजे अचानक अलमारी में रखा जलता हुआ दीपक बिस्तर पर गिर पड़ा, जिससे बिस्तरों व कपड़ों में आग लग गई। आग की लपटें घर के छप्पर पर जा पहुंची। आग की लपटें तेज होते ही शिवकली की आंख खुल गई।
आग लगी देखकर उसकी चीख निकल पड़ी। उसने तुरंत अपने बच्चों को उठाया और चीखती हुई बाहर की ओर भागी। शोरगुल सुनकर आस पास के ग्रामीण अपने अपने घरों से बाहर निकले। आग लगी देखकर गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण तुरंत दौड़कर आए और उन्होंने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक घर में रखा गेहूं, चावल, कपड़े, बर्तन समेत पूरी गृहस्थी व पांच हजार रुपये नगद जलकर राख हो गए। सूचना पाकर ग्राम प्रधान भी वहां पहुंच गए। प्रधान उदयभान ने इसकी सूचना एसडीएम कालपी को दी। इसमें गंभीरता दिखाते हुए एसडीएम ने सुबह लेखपालों की टीम भेजकर आग से हुए नुकसान का आकलन कराया। उन्होंने परिवार की मदद किए जाने का आश्वासन दिया है।
जलता हुआ दीपक बिस्तर पर गिरने से हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो