फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उफनाए मलंगा नाले में डूबा वृद्ध, मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
कोंच। रविवार तड़के पत्नी के साथ मलंगा किनारे शौच के लिए गया वृद्ध अचानक से मलंगा की धार में बह गया। जब तक पत्नी चिल्लाई तब तक वह पानी की लहरों में समा गया। पत्नी की चीख पुकार सुनकर इलाकाई लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस को सूचना देने के साथ ही उसकी खोजबीन में जुट गए। स्थानीय युवकों ने काफी मशक्कत के बाद पुल में फंसे वृद्ध के शव को निकाला। एसडीएम ने मृतक की पत्नी को सांत्वना देकर मदद का भरोसा दिया।
विज्ञापन


रविवार की सुबह लगभग पांच बजे कस्बे के मोहल्ला गोखले नगर निवासी ब्रजकिशोर (63) पुत्र शंभूदयाल पांचाल पत्नी मोतीकुंवर के साथ रोज की भांति शौच के लिए मलंगा नाले के किनारे गया था। तभी उसका पैर फिसल गया और उफना रहे मलंगा नाले में गिर गया। पानी का बहाव तेज होने से वह बहने लगा तो उसकी पत्नी चिल्लाई कि वह अपनी धोती फेंक रही है उसे पकड़ ले।

लेकिन ब्रजकिशोर बोला कि चिंता न करे, आगे पुल पकड़कर वह बाहर आ जाएगा। इसके बाद वह तेज लहरों में ऐसा खोया कि फिर बाहर नहीं निकल सका। पत्नी की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम गुलाब सिंह, कोतवाल देवेंद्र सिंह, सुरही चौकी इंचार्ज सुरेंद्र कुमार सिंह, नगर पालिका के ईओ बुद्घिप्रकाश, लेखपाल सदर नरेंद्र सिंह, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल सहित कई सभासद भी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन


मौके पर पहुंचे फायर सर्विस के जवानों ने भी मलंगा में उतरने से कन्नी काट ली। इसके बाद कुछ उत्साही नौजवान निकलकर आगे आए और मलंगा की लहरों में कूद पड़े। काफी देर की कड़ी मशक्कत के बाद अंतत: उन नौजवानों ने आगे शंभू साहब की ओर जाने वाले पुल में फंसी उसकी लाश बरामद कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम ने मृतक की पत्नी से मिलकर उसे सांत्वना दी और सरकार द्वारा दी जाने आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया।

शव की तलाश करने वाले नौजवान होंगे सम्मानित
कोंच। उफना रहे मलंगा नाले में जान की परवाह न कर ब्रजकिशोर के शव को तलाश कर बाहर निकालने वाले नौजवानों की हिम्मत की दाद स्थानीय बाशिंदों ने तो दी ही, प्रशासन ने भी उनकी पीठ ठोंकी। एसडीएम गुलाब सिंह ने नौजवान सुनील पुत्र झड़ू अहिरवार निवासी गोखलेनगर, ललित वर्मा पुत्र मूलचंद्र, यूनुस पुत्र लाल पठान, बौरे पुत्र ओमनारायण निवासी मालवीय नगर के नाम अपनी डायरी में नोट किए और उन्हें सम्मानित करने के निर्देश पालिका के ईओ बुद्घिप्रकाश को दिए। गौरतलब यह भी है कि जब वर्ष 2013 में मलंगा के उफनाने पर कांशीराम कालोनी के समीप स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की सैकड़ा भर छात्राएं फंस कर रह गईं थीं तब भी इन्हीं नौजवानों ने दिलेरी दिखाकर छात्राओं को सुरक्षित निकालने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

घर में शौचालय होता तो शायद न जाती जान
कोंच। जिस वृद्ध ब्रजकिशोर की रविवार को मलंगा में डूबने से मौत हुई है। उसके घर में शौचालय नहीं था जिसके चलते उसे खुले में शौच जाना पड़ता था। जबकि नगर पालिका प्रशासन ने सभी पच्चीसों वार्डों को ओडीएफ घोषित करने की घोषणा विज्ञापन के जरिए की है। ब्रजकिशोर की आकस्मिक मौत से पालिका के ओडीएफ होने के दावे की पोल खुल रही है। यदि उसके घर में शौचालय होता तो शायद उसकी जान न जाती।
विज्ञापन


पत्नी के साथ शौच के लिए गया था मलंगा नाले के किनारे
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें