रामपुरा। नाबालिग छात्र की हत्या करने वाले उसके दोस्तों ने हत्या के पहले उसके पिता से 30 लाख की फिरौती मांगने की भी योजना बनाई थी। मगर मारपीट होने पर उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। इसके अलावा छात्र अंकित के एक करीबी रिश्तेदार लड़की से ओमजी के चाचा अखिल की नजदीकियों को लेकर 6 माह पूर्व विवाद हुआ था, जिससे उन लोगों ने उसकी हत्या की। आरोपी अखिल व उसका साथी सौरभ अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
बता दें कि मंगलवार की रात रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टीहर निवासी शिवशंकर सिंह राजावत के इकलौते बेटे अंकित (14) की उसके पड़ोसी दोस्त ओमजी पचौरी व उसके चाचा अखिल ने अपने साथी सौरभ भदौरिया के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। उन लोगों ने उसे अगवा कर ऊमरी गांव के पास बंद पड़े एक ईंट भट्टे में ले जाकर गला घोंटकर कर की, इसके बाद चाकू से उसका गला रेत दिया था।
एक लड़के के देख लेने पर पुलिस ने उसकी बताए अनुसार ओमजी को हिरासत में ले लिया था, तब उसने हत्या की बात कबूली थी। गुरुवार को पूछताछ में ओमजी ने छह माह पूर्व अंकित व अखिल के बीच हुए विवाद की बात बताई। उसने बताया कि अखिल के अंकित की एक करीबी रिश्तेदार लड़की से संबंध थे। अखिल के मोबाइल में उसका फोटो देखने पर अंकित का उससे विवाद हो गया था, जिससे दोनों के बीच मारपीट भी हुई थी। इस मामले के बाद ही अखिल ने उसकी हत्या किए जाने की योजना बनाई थी।
इस काम के लिए उसने ओमजी और सौरभ को चुना। ओमजी को उसे रामपुरा तक किसी तरह लेकर आना था, क्योंकि ओमजी और अंकित की दोस्ती काफी गहरी थी। इसके अलावा ओमजी ने एक और बात बताई। उसने बताया कि उन लोगों ने योजना बनाई थी कि अंकित की हत्या से पूर्व वह लोग उसके पिता शिवशंकर से 30 लाख की फिरौती मांगने वाले थे।
मगर इससे पहले ही अंकित उनकी मंशा को भांप गया और अखिल व उसके बीच मारपीट होने लगी, जिससे उसकी हत्या करनी पड़ी। वहीं स्वाट टीम ओमजी को लेकर अखिल और सौरभ की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने झांसी गई थी, लेकिन वह लोग उनके हाथ नहीं लगे, जिससे स्वाट टीम वापस लौट आई। पुलिस उन दोनों के नंबर ट्रैस कर रही है। एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि एक टीम को उन दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगा दिया गया है, जल्द ही वह दोनों पकड़े जाएंगे।
6 माह पूर्व हुआ विवाद बना हत्या की वजह
मुख्य आरोपी व उसका दोस्त अभी भी फरार
अमर उजाला ब्यूरो