अमर उजाला ब्यूरो
दिबियापुर(औरैया)। डेरापुर के बुढ़ा देवी महाविद्यालय में पढ़ाने वाले दिबियापुर निवासी शिक्षक का शनिवार शाम डेरापुर से लौटते समय रोड एक्सीडेंट हो गया। उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। बाइक पर साथ में आ रही शिक्षिका का उपचार कानपुर के रीजेंसी हास्पिटल में चल रहा है। शिक्षक महाविद्यालय में आयोजित नववर्ष की पार्टी से बाइक से लौट रहे थे।
थाने के पीछे रहने वाले सेवानिवृत्त चिकित्सक डा.किशन चंद्र दीक्षित के बड़े पुत्र प्रबल दीक्षित (35) पिछले 5-6 वर्षों से बुढ़ा देवी महाविद्यालय डेरापुर में पढ़ाते थे। रिश्तेदार विकास त्रिवेदी ने बताया शनिवार शाम डेरापुर स्थित महाविद्यालय में नववर्ष की पार्टी थी। वहां से वह बाइक से लौट रहे थे। उनके साथ बाइक पर दिबियापुर निवासी एक शिक्षिका भी थी। रास्ते में एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। बताया कि शिक्षक के सीने में गंभीर चोटें आईं थी और पैरों में फ्रैक्चर हो गया था। शिक्षक को घायलावस्था में कानपुर के रीजेंसी ले जाया गया।
परंतु वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिक्षक के मौत की खबर जैसे ही दिबियापुर पहुंची तो शोक व्यक्त करने वालों की भीड़ लग गई। विधायक दिबियापुर लाखन सिंह राजपूत, भाजपा मंडल अध्यक्ष सर्वेश भदौरिया, सभासद अवधेश सिंह, सावित्री कठेरिया, सभासद प्रदीप कुमार, विनीत त्रिपाठी आदि ने पहुंचकर शोक व्यक्त किया। परिजनों के अनुसार प्रबल के दो बहनें व एक भाई है। भाई अनुराग दीक्षित सेंट साईंनाथ इंटर कालेज दिबियापुर में शिक्षक है। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। छोटा भाई अनुराग शिरडी गया है। जिसके चलते सोमवार सुबह शिक्षक के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।