औरैया। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या में दोषी पति को सात वर्ष के कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार ग्राम किशनी चंदरपुर जिला मैनपुरी निवासी लज्जाराम ने थाना अछल्दा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने पुत्री किरन की शादी 13 फरवरी 2007 को नगला चतुर्भुज अछल्दा निवासी सर्वेश कुमार पुत्र ज्ञान बाबू से की थी। विवाह के कुछ समय बाद ही पुत्री को सर्वेश व ससुरालीजन दहेज का ताना मारकर उत्पीड़न करने लगे। एक लाख रुपये की मांग कर उसे मारते-पीटते भी थे। 12 अक्तूबर 2013 की दोपहर बेटी की हत्या कर दी गई। दहेज हत्या व प्रताड़ना का यह मामला पति, ससुर, सास, ननद व देवर के विरुद्ध पंजीकृत हुआ।
विवेचना के बाद सर्वेश कुमार के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मामला एडीजे प्रथम लल्लू सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुुमार गौतम तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने सर्वेश कुमार को सात वर्ष के कारावास तथा 25 हजार अर्थदंड की सजा दी है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोषी के एक पुत्री दस वर्ष व एक पुत्र आठ वर्ष का है। ये पिता के साथ रहते हैं। अगर वह जेल चला जाएगा, तो उसके बच्चों के जीवन, शिक्षा-दीक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इन परिस्थितियों में दोष सिद्ध अपराधी को कम से कम कारावास सात वर्ष की सजा से दंडित किया गया। उसे जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
-थाना अछल्दा क्षेत्र का छह वर्ष पुराना मामला
-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो