कोंच। बड़ी माता मंदिर पर टप्पेबाजों ने एक के बाद एक तीन महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र पार कर दिया। महिलाएं बड़ी संख्या में बासेरा पूजन के लिए मंदिर आई थी। ताबड़तोड़ चेनें गायब होने से मंदिर परिसर में चीख पुकार मच गई। हैरत की बात है कि हजारों की संख्या में महिलाओं की मौजूदगी के बावजूद मंदिर परिसर में एक भी पुलिस कर्मी ड्यूटी पर नहीं था। बाद में पहुंची पुलिस रोती बिलखती महिलाओं से टप्पेबाजों का हुलिया पूछते नजर आई।
शुक्रवार को बासेरा पूजन का कार्यक्रम था। बड़ी माता मंदिर पर भी परंपरानुसार महिलाओं का बासेरा पूजन के लिये भारी संख्या में जमावड़ा था। केशवदेवी पत्नी कैलाश सोनी निवासी मौरुतवा एमपी अपनी मां को देखने मायके कोंच आईं थीं और सुबह बासेरा पूजन के लिए मंदिर गईं थीं। भीड़ में किसी ने इनके गले से कीमती मंगलसूत्र पार कर दिया।
दूसरी घटना शीलादेवी पत्नी गोविंददास सोहाने निवासी गल्लामंडी गेट के साथ हुई। वह उरई अपनी भतीजी की शादी में कोंच आईं थीं और सुबह बासेरा पूजने चली गईं जहां टप्पेबाजों ने इनकी सोने की जंजीर पर हाथ साफ कर दिया। इन दोनों ने कोतवाली में तहरीर दे दी है।
तीसरी घटना कमला पत्नी नारायणदास भदौरिया निवासी प्रतापनगर कोंच के साथ घटी है, वह भी परिवार के अन्य लोगों के साथ मंदिर में थीं तभी इनका भी मंगलसूत्र किसी ने पार कर दिया। टप्पेबाजी की शिकार कमला पुलिस पर जमकर बरसीं। जब उनसे रिपोर्ट लिखाने को कहा गया तो वह चीखते हुए बोली, पुलिस खड़ी तो हो नहीं सकती, चेन बरामदगी क्या खाक करेगी। उन्हें कोई रिपोर्ट नहीं लिखानी है।
सीओ रुक्मिणी वर्मा का कहना है कि किसी महिला गैंग का हाथ लग रहा है। फिलहाल गैंग से जु़ड़ी तीन महिलाओं को उठाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा होगा। मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि इतनी भीड़ होने के बाद भी पुलिस ने फोर्स तो दूर एक सिपाही भी तैनात नहीं किया। सिपाही चौराहे और बाजारों में वसूली में ही व्यस्त रहते हैं।
मंदिर में हजारों की भीड़ के बावजूद एक भी सिपाही की नहीं थी तैनाती
अमर उजाला ब्यूरो