कोंच। आईटीआई में बीते दिनों शिक्षक के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट लिखाने वाले तीन छात्रों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। छात्रों के परिजनों ने टीचर के खिलाफ एससीएसटी एक्ट तथा मारपीट का मामला कोतवाली में दर्ज कराया था। इससे आहत छात्रों ने शुक्रवार को सीओ रुक्मिणी वर्मा को प्रार्थना पत्र दिया है। कहा है कि उक्त टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से शिक्षक के हौसले बढे़ हुए हैं, उस पर प्रबंधन ने उनके प्रवेश पर रोक लगाकर भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
बता दें कि 1 नवंबर को आईटीआई के शिक्षक संदीप विश्वकर्मा ने तीन छात्रों मोहित वर्मा पुत्र कैलाश वर्मा, रमेश वर्मा पुत्र प्रकाश, अशोक वर्मा पुत्र नंदकुमार द्वितीय वर्ष के छात्र हैं, को कमरे में बंधक बना कर लोहे की राड से पीटा था। छात्रों की पिटाई के बाद आईटीआई में हंगामा हुआ था और पुलिस को मौके पर बुलाया गया था। इसके बाद छात्रों के परिजनों ने टीचर के खिलाफ कोतवाली में मारपीट तथा एससीएसटी एक्ट में मुकदमा भी पंजीकृत करा दिया था।
पीड़ित छात्रों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने उन तीनों के लिए कालेज के दरवाजे बंद कर दिए हैं। दबाव बनाया जा रहा है कि वे शिक्षक के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लें।ं छात्रों ने सीओ को बताया कि कि शुक्रवार की सुबह दस बजे जब वे कालेज पहुंचे तो टीचर संदीप विश्वकर्मा ने उनके साथ अभद्रता की। उन्हें कालेज में भी नहीं घुसने दिया। उन्होंने स्कूल में प्रवेश दिलाने की मांग की है।
सीओ के यहां शिकायत आने के बाद मीडिया के लोग स्कूल पहुंचे लेकिन उक्त टीचर संदीप ने गेट बंद कर उन्हें अंदर नहीं आने दिया। आईटीआई के प्रिंसिपल एमके सिंह का कहना है कि तीनों छात्रों का वहां से निष्कासन कर दिया गया है। अब उनका कोंच में प्रवेश नहीं लिया जाएगा। वे चाहें तो उरई में प्रार्थना पत्र दे सकते हैं, उनको प्रवेश करा दिया जाएगा।
टीचर संदीप विश्वकर्मा की ओर से किए गए दुर्व्यवहार के लिए उन्होंने टीचर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने व एक दिन की वेतन काटने की बात कही है। सीओ रुक्मिणी वर्मा का कहना है कि छात्रों के प्रार्थना पत्र को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। प्रवेश के संदर्भ में आईटीआई के प्रिंसिपल से भी बात की जाएगी और छात्रों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा।
परेशान छात्रों ने सीओ से लगाई गुहार
प्रबंधन कर रहा निष्कासन की बात
अमर उजाला ब्यूरो