औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चिरूहूली में सोमवार को दोपहर एक वर्दीधारी दरोगा ने गांव में जबरन एक घर की दीवार बनाने को लेकर लोगों को धमकाया। उक्त दरोगा का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही सतर्क हुई कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरोगा को अपने साथ कोतवाली पहुंचाया। जहां दरोगा की तबियत खराब होते देख पुलिस ने बेवजह के झमेले से बचने को दरोगा को बिना कार्रवाई के जाने दिया। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि उक्त दरोगा अपने को हल्का इंचार्ज बता रहा था। वहीं पुलिस ने बताया कि दरोगा उन्नाव क्षेत्र के काली मिट्टी में स्थित ट्रेनिंग सेंटर में तैनात बताया जा रहा है। बताया कि दरोगा की तबियत बिगड़ने के चलते उसको हिदायत देकर जाने दिया गया है।
ग्राम चिरूहूली में सोमवार को काली मिट्टी ट्रेनिंग केंद्र, उन्नाव पर तैनात दरोगा कृष्ण बिहारी शुक्ला गांव में एक घर के बाहर जबरन दीवार बनवाने पहुंचे। इस दौरान दरोगा ने वहां वह अपने परिचित धर्मेंद्र कुमार पुत्र पूरन लाल के पक्ष में खड़े होकर दीवार बनवाने में उसकी मदद करने लगे। साथ ही उन्होंने विपक्षी रामकांति पत्नी राजेश को अपने को हल्का इंचार्ज बताते हुए धमकाया। तभी पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक दुबे को फोन से बताया कि दरोगा कृष्ण बिहारी शुक्ला गलत लोगों का साथ देते हुए जबरन दीवार बनवा रहे हैं। इंस्पेक्टर ने दरोगा कृष्ण बिहारी शुक्ला का नाम सुनते ही चौंकते हुए कहा कि इस तरह का कोई दरोगा उनकी कोतवाली क्षेत्र में है ही नहीं। तभी किसी ने उक्त दारोगा का वर्दी के रौब दिखाते हुए ग्रामीणों को धमकाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दिया। मामला संज्ञान में आते ही कोतवाली इंस्पेक्टर ने कोतवाली के दरोगा ध्यान सिंह को मौके पर भेजा। मौके पर पहुंचे एसआई ध्यान सिंह ने उक्त दरोगा को अपने साथ लेकर कोतवाली पहुंचाया। इस संबंध में इंस्पेक्टर आलोक दुबे ने बताया कि दरोगा को कोतवाली लाया गया था। जहां अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। इस पर उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया।