उरई (जालौन)। किशोर की अपहरण के बाद हत्या करने में चार लोगों को आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गईे। मामला छह साल पुराना है।
रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी निवासी मिथलेश तिवारी पुत्र गयाप्रसाद ने 29 सितंबर 2012 को रामपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा पीयूष उर्फ राज (10) 21 सितंबर को बाजार गया था लेकिन लौटकर नहीं आया।
पिता ने आरोप लगाया था कि आशुतोष उर्फ जनमेजय, ओमप्रकाश पुत्र सूरज दुबे निवासी ऊमरी, सोनू याज्ञिक पुत्र मुकेश निवासी जगम्मनपुर, मोहित चतुर्वेदी पुत्र रामशरन निवासी अशोक नगर दिल्ली ने मिलकर उसके पुत्र का अपहरण कर लिया है और दस लाख की फिरौती मांगी है।
बाद में पुलिस ने मुठभेड़ में चारों आरोपियों को तमंचों सहित पकड़ लिया था और उनकी निशानदेही पर गन्ने के खेत से अपहृत राज का नरकंकाल बरामद किया था। अंगूठी, सैंडिल, आईकार्ड आदि मिलने पर राज के शव की पुष्टि हुई थी। इतना ही नहीं अपहृत बालक के माता-पिता के खून से डीएनए टेस्ट कराया गया। जिसमें पुत्र होने की पुष्टि हुई।
गुरुवार को अपर शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद कुमार वर्मा की पैरवी पर दोनों पक्षों की वकीलों की जिरह के बाद चारों अभियुक्तों पर आरोप साबित होने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश डकैती नरेंद्र कुमार तृतीय की अदालत ने आशुतोष उर्फ जनमेजय, ओमप्रकाश, सोनू याज्ञिक व मोहित चतुर्वेदी को आजीवन कारावास व दस दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।