उरई। मेडिकल कालेज के छात्रों के बवाल में पुलिस पूरी तरह फेल साबित हुई। जिस वक्त कालेज गेट पर कार को आग लगा लगाई तब गेट पर बनी पुलिस चौकी भीतर से बंद थी।
बताते हैं कि चौकी के दरोगा ने बवाल के डर से दरवाजे भीतर से बंद कर लिए थे। इतना ही नहीं बवाल के दौरान कुछ उपद्रवियों ने चौकी पर भी पथराव कर शीशे तोड़ दिए। इसके अलावा कुछ ही दूरी पर फैक्ट्री एरिया चौकी भी मौजूद है लेकिन जब तक बीच सड़क पर मारपीट और आगजनी व हवाई फायरिंग होती रही तब तक कोई मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
जब कोतवाली का फोर्स पहुंचा तब दोनों चौकी की पुलिस भी दिखाई दी। इसके बाद आसपास के कुछ और थानों का फोर्स भी बुला लिया गया। बता दें कि जिले में जब जब बवाल की स्थिति पैदा होती है तो भीड़ पुलिस पर हावी नजर आती है। बीते दिनों कालपी के काशीखेड़ा गांव में भी जब भीड़ उग्र हुई तो सीओ, दरोगा और एक सिपाही भी घायल हुए थे।
इसी तरह करीब एक माह पूर्व शहीद भगत सिंह चौराहे पर छात्र की हत्या के विरोध में लड़कों ने सिपाही को पीटा था। करीब ढाई साल पूर्व दो युवतियों के लापता होने के मामले में भी उग्र भीड़ ने कोतवाली पर पथराव किया था। मेडिकल कालेज प्रकरण पर चौकी पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल का जवाब देते हुए एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि यदि कोई लापरवाही हुई है तो जांच कर पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-चौकियों के बीच फूंकी कार, पुलिस बनी लाचार
-कालेज गेट के अलावा पास ही स्थित है दूसरी चौकी
-दरोगा ने भीतर से बंद किए दरवाजे, होता रहा बवाल
अमर उजाला ब्यूरो