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पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार

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अमर उजाला ब्यूरो
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कंचौसी (औरैया)।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में शनिवार को जमीन विवाद में हुई अधेड़ की हत्या के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार रविवार को पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में किया गया।
कंचौसी क्षेत्र के शाहपुर गांव में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर हमलावरों ने प्रबल प्रताप सिंह (45) की हत्या कर दी थी। जिसमें बचाने आए सात परिजन भी घायल हो गए थे। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद सुबह लगभग 11 बजे जैसे ही युवक का शव गांव पहुंचा तो परिजन शव से लिपटकर बिलखने लगे। प्रबल के शव का उसके पैतृक खेत में अंतिम संस्कार किया गया। पुत्र ने पिता के शव को मुखाग्नि दी। मौके पर भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा। वहीं आरोपी ओम प्रकाश के पूरे परिवार के एक दर्जन घरों में सन्नाटा रहा। घर के बाहर मवेशी बंधे थे।
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पूर्व प्रधान व परिजनों का चार एकड़ भूमि पर है कब्जा
पूर्व प्रधान रामप्रकाश व उसके भाई सहित परिवार के लोगों ने चार एकड़ के तालाब पर लंबे समय से कब्जा कर रखा था। जिस पर उन्होंने अपने-अपने मकान बनवा रखे थे। साथ ही पेड़ भी लगा लिए थे। वहीं फर्श को समतल करने के लिए सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी डलवाकर वहां पर सबमर्सिबल भी लगा लिया था। वहीं पर ट्रैक्टर भी खड़ा करते थे।

दस साल के कार्यकाल में प्रधान के चहेतों की रही मौज
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व प्रधान रामप्रकाश सन 2000 के आसपास दो बार चुनाव जीते। इस दस साल के कार्यकाल में प्रधान ने गांव की सैकड़ों एकड़ भूमि पर कब्जा कर लिया। यहां तक की गरीबों को पट्टा करने की बजाय अपने ही परिवार के लोगों व चहेतों को सैकड़ों बीघा भूमि पर कब्जा करवा दिया। जिस पर आज भी वह लोग खेती कर रहे हैं।

दशकाें से चल रही चकबंदी की कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पड़ी हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि की कई दशकों से चकबंदी की कार्रवाई चल रही है लेकिन आज तक नहीं हो सकी। इसके गरीबों को पट्टा व आवंटन नहीं किया गया। वहीं यदि कोई दूसरा जमीन जोतने का प्रयास भी करता है तो प्रधान की ओर से उसका विरोध किया जाता रहा है।

तत्कालीन डीएम भी नहीं हटवा सकीं अवैध कब्जा
वर्तमान प्रधान निर्मला तिवारी का कहना है कि पूरी पंचायत में हुए इस तरह के कब्जों को हटवाने के लिए पूर्व डीएम माला श्रीवास्तव व उसके बाद आए डीएम जेपी सगर को कई बार शिकायती पत्र देकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की गई। जिसमें लेखपाल, कानूनगो की टीम ने कई बार नाप-जोख भी की। इसके बावजूद आज तक जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका।

36 घंटे बाद भी नहीं हो सकी हमलावरों की गिरफ्तारी
हत्यारोपियों की 36 घंटे बाद भी गिरफ्तारी न होने से परिजनों में पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। परिजनों की ओर से लगातार पुलिस प्रशासन से हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।
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आज कब्जा हटवाने गांव पहुंचेगी तहसील की टीम
लेखपाल रहीस पाल ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश के बाद सोमवार को पूर्व प्रधान रामप्रकाश व उसके परिवार की ओर से तालाब पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए तहसील से टीम गांव पहुंचेगी। जिसमें चकबंदी व तहसील स्टाफ के कर्मचारी भूमि चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे।

- पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में हुआ दाह संस्कार
- जमीन के विवाद में शनिवार को धारदार हथियार से की गई थी ग्रामीण की हत्या






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































फोटो21एयूआरपी 38- रोते-बिलखते परिजन।
फोटो21एयूआरपी 35- हमलावरों की ओर से कब्जाई गई सरकारी तालाब की भूमि व बोई गई गेंहू की फसल।
फोटो21एयूआरपी 36- आरोपी के घर के बाहर पसरा सन्नाटा।
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