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कोटा डीलर के चुनाव में हुआ हंगामा, पथराव

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दिबियापुर (औरैया)। विकास खंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत उमरी के कोटा डीलर चुनाव में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। पंचायत के मजरा भटपुरा में प्राथमिक विद्यालय के पास प्रधान आवास के पास सुबह साढ़े दस बजे से ग्रामीण चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने पहुंचे जहां पर उमरी निवासी राकेश बाथम, भटपुरा निवासी यशेंद्र सिंह पाल, जत्था खेरा निवासी सुखदेव कुशवाहा ने अपने प्रस्तावकों के साथ अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। यशेंद्र पाल को विजयी घोषित कर दिया गया।
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पंचायत सचिव दिलीप यादव ने जैसे ही मतदान प्रक्रिया शुरू कराई मौके पर मौजूद उमरी तथा भटपुरा गांव के ग्रामीण आपस में उलझ गए और कुछ देर बाद पथराव शुरू हो गया। पथराव के बाद हमलावरों की उग्रता देख उमरी के दावेदार राकेश बाथम अपने समर्थक ग्रामीणों के साथ बैठक से चले गए। बाद में भटपुरा निवासी यशेंद्र सिंह पाल को विजयी घोषित कर दिया गया। मतदान से अलग रहे दूसरे दावेदार राकेश बाथम ने कोटा डीलर चुनाव में प्रधान की मनमर्जी सेे हुए चुनाव को अवैध ठहराते हुए जिला प्रशासन से दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।

उमरी गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जानबूझ कर बैठक में हंगामा कराकर पथराव कराया गया है। ग्राम पंचायत अधिकारी दिलीप यादव ने बताया की कोटा डीलर चुनाव में यशेेंद्र सिंह पाल निवासी भटपुरा को सर्वाधिक 281 वोट मिले। जिसके आधार पर उन्हें विजयी घोषित किया गया। जबकि दूसरे स्थान पर रहे सुखदेव कु शवाहा को 49 वोट जबकि 21 वोट पाकर राकेश बाथम तीसरे स्थान पर रहे। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान प्रेमना पाल ने की। बैठक में एडीओ पंचायत भाग्यनगर सुरेश बाबू के अलावा ग्राम पंचायत अधिकारी सर्वेंद्र शुक्ला, राजभान सिंह यादव, प्रधान प्रतिनिधि आशू पाल और जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह पाल आदि मौजूद रहे। थाना अध्यक्ष बलिराज शाही भी बैठक के दौरान उपस्थित रहे।
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इनसेट
उमरी के निवासियों ने एसडीएम सदर को शिकायती पत्र सौंपा
दिबियापुर। निकटस्थ ग्राम पंचायत उमरी में कुल 15 वार्ड में राशन वितरण के लिए दो कोटेदार नियुक्त हैं। जिसमे वार्ड संख्या 1 से 8 तक के निवासियो के लिए कोटेदार श्रीकृष्ण बाथम का कोटा बीते माह अनियमितता के चलते निरस्त हुआ था। उसी दुकान का सोमवार को चुनाव हुआ। जिसमे उमरी, खेरा, तथा पुरानी दिबियापुर समेत तीन गांव शमिल है। जबकि दूसरे कोटेदार की दुकान से पंचायत के आठ मजरे भटपुरा, खजुवैया, केबिन की मढैय़ा, निमजना, नंदपुर, बला की मढैय़ा, मोहन की मढैय़ा आदि शामिल है। उमरी गांव की निवासी बैजनाथ, रामरतन, नरेश बाथम, नत्थू खॉ, बालकिशन का आरोप है जब कोटा उमरी के लोगो के लिए था तो उसका जानबूझ कर प्रधान के गांव में चुनाव कराने की क्या आवश्यकता थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हे चुनाव की सूचना एक दिन पहले रविवार को दी गई। बाद में उमरी के सैकड़ों लोगो ने उपजिलाधिकारी सदर अनुपम शुक्ला से मिलकर डीलर चुुनाव मे हुई धांधली की जानकारी देते हुये एक शिकायती पत्र सौपा है।
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