औरैया। जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर बरती जा रही लापरवाही भारी पड़ सकती है। रविवार को अजीतमल और दिबियापुर में दो कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। सीएमओ ने दोनों संक्रमितों को होमआइसोलेशन में रख कर इलाज शुरू कराया है। इसके साथ ही संपर्क में आने वाले लोगों की जांच कराई जा रही है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को आरटीपीसीआर जांच और पोर्टल में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, दिबियापुर के लोहियानगर ककराही, बाजार सेंट्रल बैंक के पास रहने वाले एक 53 वर्षीय व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। तेज बुखार आने के साथ ही उन्हें गले में दर्द की समस्या है। निजी लैब से जांच कराने पर आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पाॉजीटिव आई है। वहीं, अजीतमल के हजरतपुर में 30 वर्षीय युवक संक्रमित मिला। यह युवक पांच अप्रैल को दिल्ली से लौटा हैं। इसे भी बुखार, खांसी की समस्या था। शनिवार को चिचौली अस्पताल आने पर आरटीपीसीआर के लिए सैंपल लिया गया था। जांच रिपोर्ट में पाजीटिव मिला है।
जिले में एक ही दिन दो संक्रमित मिलने से खतरा गया है। सीएमओ ने दोनों संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा है। इसके साथ ही उनके संपर्क में आने वाले मरीजों की ट्रेसिंग कर जांच कराने के आदेश दिए हैं।
अस्पतालों में औचक जांच कराने के आदेश
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना में अब कई तरह के स्वरूप पाए जा रहे हैं। इस लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। सभी अस्पताल प्रभारियों को ओपीडी में आने वाले मरीजों की रैंडम जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच कराने के लिए टीमें सक्रिय की गई है। जहां पर दो मरीज संक्रमित मिले हैं वहां भी सोमवार को टीम भेज कर जांच कराई जाएगी। सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा।
न मास्क लगा रहे और न कर रहे सामाजिक दूरी का पालन
सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों व सरकारी दफ्तरों में कोविड नियमों का पालन नहीं हो रहा है। यहां पर आने वाले लोग बिना मास्क के घूमते नजर आ रहे हैं। जबकि कोरोना को लेकर पिछले एक माह से अलर्ट जारी है। हैरत की बात यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नियमों का पालन कराने के लिए कागजी खानापूर्ति करता नजर आ रहा है। कई जगहों पर कोरोना जांच के लिए हेल्प डेस्क नहीं है। रेलवे, बस स्टेशनों पर जांच नहीं की जा रही है। इससे लोग बिना रोकटोक के आवाजाही कर रहे हैं। यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ेगा।
दो माह से बंद है टीकाकरण
जिले में कोरोना बचाव के लिए लगने वाली वैक्सीन भी दो माह से नहीं है। अभी भी जिले में अभी 25 हजार के करीब लोगों को बूस्टर डोज नहीं लगी है। जिले में 10 फरवरी तक टीकाकरण हुआ। इसके बाद वैक्सीन खत्म हो गई। इधर जब खतरा बढ़ा और लोगों की वैक्सीन की जरूरत महसूस हो रही तो जिले के किसी भी केंद्र पर व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही वैक्सीन मंगवाई जाएगी।