औरैया। एटीएम मशीनों से साथ छेड़छाड़ कर बैंकों से लाखों रुपये की जालसाजी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के तीन शातिरों को पुलिस ने फफूंद रोड पर नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया है। एक युवक मौके से भाग निकला। आरोपियों के पास से पुलिस ने विभिन्न बैंकों के 109 एटीएम कार्ड व 70 हजार रुपये व तीन बाइक बरामद की हैं। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
सदर कोतवाली में एसपी चारू निगम ने बताया कि काफी दिनों से उन्हें बैंकों के एटीएम से छेड़छाड़, फ्राड करके बैंकों से लाखों रुपये की जालसाजी किए जाने की शिकायत मिल रहीं थीं। इस पर कोतवाली पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम आरोपियों की तलाश में थी।
बुधवार को कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने सूचना पर फफूंद रोड स्थित नहर पुल के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि इनका एक साथी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में जालौन के थाना कालपी के हीरापुर गांव निवासी मनमोहन सिंह, दिनेश निषाद निवासी बसंतपुर औरैया व रोहित कुमार निषाद निवासी नोरी राजपुर थाना अयाना जिला औरैया के हैं। आरोपियों में मनमोहन सिंह राजस्थान में अपने एक मिलने वाले के साथ धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके नाम से खाते खुलवाते थे। उनके खातों पर जारी किए गए एटीएम कार्ड व पासवर्ड ले लेते थे। उन्हीं खातों में जालसाजी का पैसा मंगवाते थे। यही नहीं एटीएम से छेड़छाड़ कर रुपये निकाल लेते थे।
बाद में तकनीकी समस्या बताते हुए संबंधित बैंक को पैसे न मिलने की ऑनलाइन शिकायत करते थे। जिससे एटीएम से छेड़छाड़ कर निकाली गई धनराशि फिर से उनके खातों में वापस आ जाती थी।
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों ने बताया कि बैंक से फ्राड कर निकाले गए रुपयों का आपस में बंटवारा करते थे। इसके बाद वह अपने शौक इन्हीं रुपयों से पूरा करते थे। एसपी ने बताया कि दो साल से इस तरह लोगों और बैंक अधिकारियों के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये की जालसाजी कर चुके हैं। एक खाते से 37 लाख रुपये की जालसाजी किए जाने के भी साक्ष्य मिले हैं। फरार चौथे आरोपी कौशल की पुलिस को तलाश है।