अजीतमल (औरैया)। क्षेत्र में अलग-अलग दो मामलों में सीमांकन के लिए लगाई गई सरकारी खूंटी को दबंगों ने उखाड़ फेंका। एक मामले में पुलिस ने तहरीर दर्ज कर ली। वहीं दूसरे मामले में पीड़ित मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पांच दिन से कोतवाली के चक्कर लगा रहा है।
अजीतमल तहसील क्षेत्र के गांव बरुवाई निवासी विजय सिंह ने बताया कि उसने मौजा बरुवाई में गाटा संख्या 73 व 348 पर सरकारी बंटवारा करवाया था। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर सरकारी खूंटी लगा दी थी और उसे कब्जा भी दिलवाया था।
इसके बाद विपक्षी नामजद लोगों ने पक्की सरकारी खूंटी उखाड़ दी। इस संबंध में उप जिलाधिकारी अजीतमल को शिकायती पत्र दिया। जिस पर उपजिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक से जांच आख्या मांगी। राजस्व निरीक्षक ने 15 जून को उप जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट में सरकारी खूंटी उखाड़ने की जानकारी दी। जिसके बाद उपजिलाधिकारी ने पीड़ित को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने 27 जून को मुकदमा दर्ज कराने के लिए उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया।
उप जिलाधिकारी ने थाना प्रभारी निरीक्षक अजीतमल को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर 16 जुलाई को पीड़ित ने दोबारा एक प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी को दिया। जिस पर उपजिलाधिकारी ने फिर से अजीतमल कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को मुकदमा दर्ज करने का आदेश निर्गत किया। ताज्जुब की बात तो यह है कि इसके बाद भी पांच दिन बीत चुके हैं। बावजूद इसके अजीतमल पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। कोतवाली प्रभारी राज कुमार सिंह ने बताया मामला उनकी जानकारी में नहीं है। जानकारी कर मामला दर्ज किया जाएगा।
न्यायालय के आदेश के बाद भी उखाड़ी खूंटी, एफआईआर दर्ज
गांव सेंगनपुट्ठा निवासी रामस्वरूप ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मौजा चपटा की गाटा संख्या 1055 रकवा 0.227 हेक्टेयर का आधा रकवा आफताब अहमद खां और इरशाद अहमद खां निवासी चपटा ने अपने खेत में मिला लिया। 14 जून को आरआई द्वारा सीमांकन कर पक्की खूंटी लगाई गई थी। 22 जून को आरोपी आफताब अहमद खां और इरशाद अहमद खां निवासी चपटा ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उक्त खूंटी उखाड़ कर फेंक दी है। पीड़ित ने अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।