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Auraiya News: शीतलहर ने कंपकपाया, धूप से भी नहीं मिली राहत

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फोटो-11एयूआरपी-27- कोहेरे के कारण धीमी गति से गुजरती ट्रेन। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया/दिबियापुर। पहाड़ों पर बर्फबारी और पछुआ हवाओं ने तापमान को और लुढ़का दिया है। इससे दिन भर लोग ठिठुरते रहे। कोहरे ने वाहन धीमी गति से चले। न्यूनतम तापमान छह डिग्री रहा।
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मंगलवार देर रात से ही कोहरे छा गया था। इससे सड़कों पर सुबह तक दृश्यता बहुत कम रही। वाहन रेंगते नजर आए। सर्दी के कारण कार्यालयों में कर्मचारी भी हीटर या ब्लोअर लगाए रहे। शाम होते ही बाजार में सन्नाटा छा गया।
कोहरे का असर रेल यातायात पर भी देखा गया। फफूंद रेलवे स्टेशन पर रुककर मुंबई के बांद्रा जाने वाली 19038 बरौनी से बांद्रा टर्मिनस अवध एक्सप्रेस फफूंद स्टेशन पर 10 घंटे देरी से दोपहर लगभग 12:30 बजे पहुंची।
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लखनऊ से चलकर दिल्ली जाने वाली 12419 अप गोमती एक्सप्रेस नौ घंटे देरी से शाम 5:30 बजे पहुंची। 15483 अप महानंदा एक्सप्रेस छह घंटे देरी से शाम 8:30 बजे पहुंची।
12311 अप हावड़ा कालका नेता जी एक्सप्रेस सवा छह घंटे देरी से शाम लगभग नौ बजे फफूंद स्टेशन पहुंची। कानपुर की ओर जाने वाली 12180 आगरा लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने तीन घंटा देरी से 11:40 बजे पहुंची।
12312 डाउन कालका हावड़ा मेल दोपहर 12:06 बजे के स्थान पर लगभग ढाई घंटा देरी से लगभग 2:30 बजे फफूंद पहुंची। 15484 डाउन महानंदा एक्सप्रेस दोपहर एक बजे के स्थान पर लगभग ढाई घंटा देरी से अपरान्ह लगभग 3:30 बजे फफूंद पहुंची। कोहरे के कारण ट्रेने लेट होने से घंटों स्टेशन पर यात्री ठंड में ठिठुरते नजर आ रहे हैं।
इनसेट
डॉक्टर ने दी बच्चों को ठंड से बचाव की सलाह
शहर के 50 शैया अस्पताल के बाल रोग विशेष डॉ. विनोद कुमार बताते हैं कि इन दिनों की ठंड बच्चों को बीमार कर सकती है। बच्चों को ठंड में बाहर न निकाले। सर्दी, जुकाम, खांसी होना, गले का दुखना या खराश होना, हल्का बुखार होना ठंड लगने के लक्षण हैं। सर्दी से बचने के लिए गरम ऊनी कपड़े पहनें। नजला-जुकाम वाले मरीजों से बच्चों को दूर रखें। गुनगुना तरल पदार्थ पिलाएं। दो साल तक के बच्चों को मां का दूध ज्यादा पिलाएं। डायरिया होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं। डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
इनसेट
किसान धुआं व सिंचाई कर बचा रहे फसलें
ठंड का असर खेत में तैयार हो रही आलू, सरसों, दलहनी फसलों पर भी पड़ रहा है। पाला से फसल बचाने के लिए किसान कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर पानी लगाने के साथ आस पास धुआं कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड बढ़ सकती है। किसान आलू व सरसों की फसल बचाने के लिए खेत में नमी के लिए पानी दें और हो सके तो धुआं करें। सब्जियों की नर्सरी को पन्नी से ढंक कर भी पाले से बचाया जा सकता है। पत्यिां पीली पड़ने व किसी भी तरह के रोग लगने पर विशेषज्ञों की सलाह लेकर कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करें।
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