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Auraiya News: टाट-पट्टी पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर बच्चे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। परिषदीय स्कूलों में गुरुवार को परीक्षा के दूसरे शांतिपूर्ण व मानकों के तहत परीक्षा को संपन्न कराया गया। इस दौरान कई स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता न होने से परीक्षार्थियों को टाट पट्टी पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ा।
विधिवत परीक्षा के संचालन को लेकर दूसरे स्कूलों के शिक्षकों का जहां एक ओर भ्रमण चलता रहा, तो वहीं दूसरी ओर बीएसए से लेकर बीईओ ने स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों को दिशा-निर्देश भी दिए गए।
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बेसिक के स्कूलों में परीक्षा के दूसरे दिन प्रमुख तौर पर विज्ञान व हिंदी की परीक्षा हुई। इस दौरान कई विद्यालयों में फर्नीचर की उपलब्धता न होने के कारण छात्र-छात्राओं को टाट-पट्टी पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ा। दूसरी पाली में पर्यावरणीय अध्ययन की परीक्षा रही। कक्षा तीन से पांच तक के छात्रों ने नैतिक शिक्षा की परीक्षा दी। वहीं कक्षा छह के छात्रों ने पहली पारी में विज्ञान की परीक्षा दी।
कक्षा सात व आठ के छात्रों ने पहली पाली में जहां हिंदी तो दूसरी पाली में पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा दी। जिले के 1265 परिषदीय स्कूलों में विधिवत ढंग से परीक्षा को संपन्न कराया गया। यहां पर प्रश्न पत्रों का समय से वितरण व उत्तर पुस्तिकाओं को जमा कराने की व्यवस्था को समयावधि पर विशेष ध्यान दिया गया। इसे लेकर बीआरसी व बीएसए कार्यालय की ओर से लगातार दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
वहीं भ्रमण पर दूसरे स्कूलों में परीक्षा के आयोजन को जांचने पहुंचे शिक्षक भी जुटे रहे। बीएसए व बीईओ ने पांच-पांच स्कूलों का निरीक्षण करते हुए परीक्षा का संचालन देखा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में आयोजित हुई परीक्षा में तकरीबन 80 हजार के करीब छात्रों ने परीक्षा दी।
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650 स्कूलों में जमीन पर बैठ कर परीक्षा दे रहे नौनिहाल
औरैया। जिले के 1265 परिषदीय विद्यालयों में इन दिनों वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। इनमें 650 विद्यालय अभी भी ऐसे हैं, जहां पर बच्चे टाट्-पट्टी पर बैठ कर परीक्षाएं दे रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2020-21 शासन से फर्नीचर के लिए बजट मिला था। इसमें जिले के 208 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुर्सी-फर्नीचर की व्यवस्था की गई थी। तब से शासन से फर्नीचर के लिए अभी तक कोई बजट आवंटित नहीं हुआ है। हालांकि गेल की ओर से करीब एक माह पहले 30 विद्यालयों को फर्नीचर की व्यवस्था की गई थी। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि विद्यालयों में फर्नीचर के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ समाज के सक्षम तबके व प्रधानों से लगातार बैठक की जा रही हैं। जल्द ही सभी विद्यालयों में फर्नीचर का इंतजाम कराया जाएगा।
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वर्जन
कक्षा-तीन से लेकर आठवीं तक के छात्रों की दूसरी दिन परीक्षा आयोजित की गई है। दो पालियों में परीक्षा का आयोजन समयावधि के अनुसार किया गया है।
-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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