औरैया। भीखापुर के मजरा बरीपुर माफी में दोहरे हत्याकांड ने बाद वर्षों पुरानी रंजिश खत्म होने के बजाए फिर से नई हो गई है। रामवीर की हत्या के बाद बड़े बेटे ने अरुण उर्फ बबलू समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया है। वहीं अरुण की शिनाख्त होने के बाद भीखापुर के रहने वाले चचेरे भाई ने रामवीर के दोनों बेटों समेत 10 को आरोपी बनाया है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।
भीखापुर गांव निवासी दिनेश सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि तेरहवीं में पिता रामवीर की खाना खाते समय अरुण सिंह, वीर सिंह, अमर सिंह, जगमोहन, बृजेश सिंह, चंद्रभान सिंह, रविंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह व सोनू सिंह ने गोली मार हत्या कर दी। वहीं, एक हमलावर को ग्रामीणों ने पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। उसे उसके परिजन नहीं जानते हैं। वहीं भीखापुर गांव के नरेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि चचेरे भाई अरुण सिंह उर्फ बबलू निवासी ब्रह्मनगर औरैया तेरहवीं में शामिल होने आया था। तभी गांव के रामवीर सिंह व अन्य लोगों ने घेरकर जान से मारने की नियत से हमला कर दिया। इस पर अरुण ने आत्मरक्षा में अपनी राइफल से गोली चला दी। इसी बीच मोहर सिंह, प्रताप सिंह, श्यामवीर, नरायन सिंह, आंशू सिंह, सुरेंद्र उर्फ गब्बर, नीलू सिंह, शिवम सिंह, गुलशन सिंह व अंकित ने घेरकर पकड़ लिया और ईंट-पत्थर व लाठी-डंडों से पीट कर मार डाला। अरुण के भाई राजीव सिंह की भी छह मार्च 1997 को इन लोगों ने हत्या की थी। इन पर लूटपाट व हत्या के भी मुकदमे दर्ज हैं।