अजीतमल। बस स्टैंड तक बसें न पहुंचने से लोगों को दो किलोमीटर दूर हाईवे पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। आंदोलन की चेतावनी और बसों के अंदर से आने की मांग पर जिम्मेदार अफसर झूठा आश्वासन देते रहते हैं। यही कारण है कि महीनों गुजर जाने के बाद भी आज तक कानपुर, हमीरपुर, दिल्ली, शिकोहाबाद डिपो की बसें स्टैंड तक नहीं पहुंचतीं। स्टैंड तक बसें न आने पर लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्थानीय लोगों को यात्रा करने में सुविधा रहे, इसके लिए वर्ष 1988 में अजीतमल में रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था। स्टैंड पर औरैया, इटावा डिपो के अलावा अन्य डिपों की बसें आती थीं, लेकिन कोरोनाकाल के दौरान यहां पर आने वाली बसें बंद हो गईं। कोरोनाकाल से बाद से इसे लेकर कई बार मांग कर आंदोलन की चेतावनी दी गई, पर बसें स्टैंड पर आना शुरू नहीं हुई।
इसलिए लोगों को करीब दो किलोमीटर दूर चलकर हाईवे पर जाकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। जून माह में एआरएम को ज्ञापन देकर स्थानीय लोगों ने बस को अंदर तक भेजने की मांग की थी। तब आश्वासन मिला था कि जल्द सभी डिपो की बसें अंदर से जाएंगी और मुसाफिरों को सफर करने में सुविधा होगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। पिछले कुछ दिनों से इटावा और औरैया डिपो की कुछ बसें पहुंच रही हैं।
अजीतमल निवासी विमल पांडेय का कहना है कि वह प्रतिदिन औरैया जाते हैं। करीब 25 किलोमीटर सफर के लिए घंटों हाईवे पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। बारिश और धूप में परेशानी होती है। यदि बसें अंदर आएं तो इस समस्या से निजात मिले, लेकिन अफसरों के आश्वासन के बाद भी बसें हाईवे से गुजर कर चली जाती हैं। अन्य लोगों को भी परेशानी हो रही है।
गांधी नगर निवासी महेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि वह शिकोहाबाद ड्यूटी पर जाते हैं। पहले बस स्टैंड पर आसानी से बस मिल जाती थी, लेकिन अब घंटों हाईवे पर खड़े होना पड़ता है। इस बीच कई बसें बिना रुके चली जाती हैं, इससे परेशानी हो रही है। खास कर वृद्ध और दिव्यांग यात्रियों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
एआरएम आरएस यादव कहते हैं कि औरैया डिपो के साथ अन्य डिपो के चालक, परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बसें अजीतमल बस स्टैंड लेकर जाएं। औरैया और इटावा की बसें स्टैंड पर जा रही है। अन्य डिपो की बसें अगर नहीं जा रही हैं तो जानकारी कर बसें भेजने के निर्देश दिए जाएंगे।