औरैया। रोडवेज डिपो में गुरुवार को 12 चालक-परिचालकों के काम पर न आने की वजह से आठ बसें खड़ी रहीं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। डग्गामार व गैर प्रांतों की बसों से सफर करने को लेकर उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ी। हालांकि डिपो की ओर से कुछ बसों के फेरे बढ़ाकर समस्या से निजात पाने का प्रयास किया गया।
रोडवेज डिपो में तैनात संविदा चालक-परिचालकों को प्रति किमी के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। तय मासिक दूरी सात हजार किमी के हिसाब से वेतन की संस्तुति होती है। ऐसे में माह के अंतिम सप्ताह में कुछ कर्मचारियों की ओर से तय मानक को पूरा करने के बाद काम से किनारा कर लिया जाता है। इससे बसों का संचालन प्रभावित होता है। बुधवार को जहां 17 कर्मचारी नदारद रहे, वहीं गुरुवार 12 चालक-परिचालक नहीं आए। ऐसे में दूसरे दिन भी समस्या जस की तस बनी रही। कानपुर, इटावा, जालौन व कन्नौज जाने वाले यात्री ज्यादा परेशान रहे। डग्गामार व दूसरी डिपो की बसों से यात्रियों ने सफर किया। एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि काम से किनारा करते हुए मनमानी करने वाले चालकों को नोटिस दिया जा रहा है। ढर्रे में सुधार न करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों को परेशानी न हो इसे लेकर पड़ोसी जनपदों को संचालित हुईं बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं।