रतियोगिता में भाग लेते हुए सभी ने अपने - अपने विषयों की शिक्षण अधिगम सामिग्री का प्रस्तुतीकरण राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र के जजों की टीम के समक्ष किया। वहीं दीक्षित द्वारा शेष झाड़ू से बनाए गए भौतिकी उपकरणों का क्रियाकारी प्रदर्शन किया गया। जिसमें दो पलड़े की वजन तुला, एक पलड़े की सूक्ष्म तुला, द्रवों का घनत्व मापी, नाचने वाली गुड़िया, रेखीय एवं वृत्तिय जाति की तुलना आदि के 10 उपकरण प्रस्तुत किए। राज्य विज्ञान एवं गणित संस्थान की निदेशक से फोन पर हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश को अध्यापक संवर्ग में बृजेश दीक्षित द्वारा उच्चतर माध्यमिक विज्ञान मेला में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत बृजेश दीक्षित को वैज्ञानिक डा. रामदास अय्यर द्वारा स्मृति चिन्ह तथा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उनको को सम्मानित किए जाने पर सम्मान शिक्षक भगवत स्वरूप विश्नोई, राधा मोहन गुप्ता, रामलखन राजपूत, कृष्ण औतार बाजपेई, प्रधानाचार्य उमाशंकर राठौर, रामनरेश कुशवाह, संजीव गुप्ता ने बधाई दी है।