फोटो22एयूआरपी 08 - तिलक मार्केट स्थित दुकान से किताब खरीदता ग्राहक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। इस साल से अभिभावकों पर बच्चों की पढ़ाई का बोझ बढ़ गया है, क्योंकि किताबों के दाम 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पुस्तक वितरकों का कहना है कि कागज महंगा होने से किताबों के दामों में वृद्धि की गई है।
इस बार किताबों में विषय वस्तु भी बदल गया है। पुस्तक वितरकों का कहना है कि किताबों के दामों में तीन साल बाद वृद्धि हुई है। कोरोना की वजह से पुस्तकों के दाम नहीं बढ़ाए जा सके। दूसरी तरफ , कागज की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। इसी वजह से पुस्तकों के दामों में 25 फीसदी इजाफा करना पड़ा है। अभिभावकों को अब तक एक ही किताब खरीदने के लिए 18.75 फीसदी रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
इसी तरह कक्षा दो की पुस्तकों में 18.39 फीसदी, कक्षा तीन में 23.02, चार में 19.96, पांचवीं में 23.19, छठवीं में 24.50, सातवीं में 24.82 और कक्षा आठ की किताबों में 24.90 फीसदी तक इजाफा हुआ है। ऐसे में नए सत्र में बच्चों को प्रवेश दिलाने वाले अभिभावकों पर पढ़ाई का बोझ बढ़ गया है। शहर के इटावा रोड, तिलक मार्केट के आसपास कॉपी-किताबें बेचने वाले दुकानदारों की मानें तो हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अब ज्यादातर स्कूल चुनिंदा दुकानदारों के पास ही कॉपी-किताबें खरीदते हैं। कई बार कमीशन के चक्कर में दुकानदार कुछ रेट बढ़ाकर देते हैं। ऐसे में स्कूलवार किताबों पर बढ़ी मंहगाई कम या ज्यादा भी हो सकती है।
-
कक्षावार बढ़ा खर्च
कक्षा 2022 2023
एक 3200 3800
दो 3316 3926
तीन 3427 4216
चार 3716 4458
पांच 3828 4716
छह 3958 4928
सात 3972 4958
आठ 4016 5016
-
पुस्तकों की कीमतों में 25 फीसदी तक तक वृद्धि हुई है। इसके पीछे का कारण महंगा होना है। कोरोना की वजह से तीन साल बाद पुस्तक के दाम बढ़े हैं। - विवेक विश्नोई, पुस्तक वितरक