बहनोई बनकर ठग ने मांगा ओटीपी दिबियापुर (औरैया)। दिबियापुर नगर पंचायत के औरैया निवासी कर्मचारी को एक साइबर ठग ने उसका चचेरा बहनोई बनकर रुपये ट्रांसफर करने के नाम पर ओटीपी नंबर पूछा, जिस पर नगर पंचायत कर्मी को शक होने पर उन्होंने ओटीपी नंबर नहीं बताया जिससे वह ठगी का शिकार होने से बच गए। गुरुवार रात दिबियापुर नगर पंचायत के औरैया निवासी कर्मचारी दीपक के मोबाइल पर रात लगभग ११ बजे एक अनजान नंबर से फोन आया। काल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह उसकी चचेरा बहनोई बोल रहा है। बातों ही बातों में जब दीपक पर ठग ने बहनोई के रूप में विश्वास जमा लिया। तब काल करने वाले ने दीपक से कहा कि उसे एक व्यक्ति से रुपये लेने हैं। परंतु अभी मेरा फोन पे काम नहीं कर रहा है। इसलिए दीपक के खाते में २५ हजार रुपये ट्रांसफर कराने हैं। काल करने वाले ने दीपक से उसके बैंक खाते की डिटेल ले ली। साथ ही कहा कि अभी एक ओटीपी आएगा, वह उसे बता दे। ताकि रुपया ट्रांसफर करा सकूं। इस बीच दीपक को कुछ शक हुआ तो दीपक ने पहले से मोबाइल में संरक्षित चचेरे बहनोई के मोबाइल नंबर पर फोन कर ओटीपी के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया। तब चचेरे बहनोई ने बताया कि उन्होंने तो दीपक को काल ही नहीं की। तब दीपक को अहसास हुआ कि काल करने वाला कोई ठग है। दीपक के अनुसार उसके बैंक खाते के रुपये तो सुरक्षित हैं। परंतु ठग द्वारा गलत ओटीपी डाले जाने से उसका बैंक खाता अगले २४ घंटे के लिए लाक हो गया है। बताया कि वह मामले की शिकायत पुलिस से करेंगे।