औरैया। दिवाली के दो दिन बाद यानी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस बार के पंचांग में 14 व 15 नवंबर को भाई दूज का मुहूर्त रहेगा। इटावा जेल में निरुद्ध जिले के 700 बंदियों की भाई दूज जेल प्रशासन की ओर से 15 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस दिन बहन व अन्य परिजन बंदियों से मिल सकेंगे।
रक्षाबंधन की तरह भाई दूज भी भाई-बहन के लिए बेहद खास होता है। इस पर्व को भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया भी कहा जाता है। भाई दूज के दिन भाई को तिलक लगाने का सबसे अधिक महत्व होता है। इस दिन बहनें रोली और अक्षत से भाई का टीका करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। यह प्रथा सदियों पुरानी है।
कहा जाता है कि इस दिन यदि विधि-विधान से पूजा की जाए, तो जीवन भर यम का भय नहीं सताता और भाई-बहनों की कभी भी अकाल मृत्यु नहीं होती। इस साल भाई दूज की सही तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस साल के पंचांग के अनुसार भाई दूज दो दिन यानी 14 और 15 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा।
पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरुआत 14 नवंबर 2023 को दोपहर दो बजकर 36 से शुरू हो रही है। इसका समापन 15 नवंबर 2023 को दोपहर एक बजकर 47 पर होगा। इटावा जिला जेल में औरैया के 700 बंदी निरुद्ध हैं। उनका भाई दूज पर्व मनवाने के लिए जेल प्रशासन की ओर से 15 नवंबर तारीख तय की है। इस दिन सुबह से लेकर दोपहर एक बजे तक बहन व अन्य परिजन बंदियों से भेंट कर सकेंगे। इटावा जिला जेल के जेलर सुशील कुमार ने बताया कि बंदियों की भाई दूज प्रशासनिक केलेंडर के अनुसार 15 नवंबर को मनवाई जाएगी। इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।