औरैया। अयाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, 15 सितंबर 2026 की सुबह करीब 11 बजे उनकी 15 वर्षीय बेटी को गांव का ही निवासी आशिक अपने साथ ले गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 21 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम पारूल जैन ने स्पष्ट किया कि अव्यस्क की सहमति का कानून में कोई स्थान नहीं है। अपराध की गंभीरता और मामले के संपूर्ण तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को निरस्त करने का आदेश दिया। (संवाद)