फोटो27एयूआरपी 21- यमुना नदी के बढ़ रहे जल स्तर में डूबता राम झरोखा। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। राजस्थान के कोटा बैराज से छोड़े गए पानी और पिछले दिनों हुई बारिश ने यमुना नदी में जलस्तर बढ़ा दिया है। बुधवार शाम चार बजे तक जलस्तर 107.34 मीटर पहुंच गया। तेजी से बढ़ रहे पानी के मद्देनजर प्रशासन ने यमुना किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। कुछ स्थानों पर लोग सुरक्षित ठिकाना तलाशने लगे हैं।
बुधवार को जलस्तर बढ़ने से शेरगढ़ घाट पर अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होने वालों के बैठने के लिए बना रामझरोखा आधे से अधिक पानी में डूब गया। यमुना नदी किनारे बने टीलों की मिट्टी कटकर बहने लगी है।
लगातार बढ़ रहे पानी को लेकर केंद्रीय जल आयोग विभाग पल-पल निगरानी में लगा है। केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों के अनुसार कोटा बैराज से आ रहे पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। अभी और पानी बढ़ने की संभावना है। यमुना में बढ़ रहे पानी के मद्देनजर जिला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी सक्रियता बनाए हैं।
यमुना में उफान आने पर गूंज, जुहीखा, अस्ता, फरिहा, असेवा, असेवटा, कैथौली, बड़ैरा, गौहानी कलां, सडऱापुर, छोटी गूंज, सिकरोड़ी आदि गांवों में पानी तबाही मचाता है। इस कारण अभी से कुछ गांवों के लोग सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। बुधवार को बाबरपुर रोड पर इटावा सीमा से जुड़े गांव हरौली का एक परिवार अपना सामान ऑटो से लेकर जाता हुआ नजर आया। पूछने पर परिवार के अनिल ने बताया कि यमुना में बढ़ रहे पानी को देखकर सामान बाबरपुर लेकर आए हैं।