मधवापुर गांव के पशुपालक कालीचरण चक्रवर्ती के अनुसार वह शनिवार रात रोज की तरह भेड़ों को घर के पीछे बने बाड़े में बांधकर सो गए थे। सुबह जब वह भेड़ों को बाहर निकालने पहुंचे तो बाड़े का दृश्य देखकर सन्न रह गए। पांच भेड़ें मृत पड़ी थीं और एक घायल अवस्था में थी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते वहां भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का कहना है कि भेड़ों के शरीर पर गहरे जख्म के निशान हैं, जो किसी धारदार हथियार से किए गए प्रतीत होते हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह हमला किसी हिंसक जानवर द्वारा किया गया हो सकता है, लेकिन घटनास्थल के हालात इस आशंका पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
सूचना मिलने पर कंचौसी चौकी पुलिस और दिबियापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पशुपालक कालीचरण ने बताया कि इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने पुलिस को शिकायती पत्र देकर मामले की गहन जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराने की भी मांग की गई है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायन त्रिपाठी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सक को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि भेड़ों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।