औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम ने नाबालिग से घर में घुसकर छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें करने के आरोपी को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी पर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। पीड़िता के पक्ष द्रोही होने के बावजूद कोर्ट ने वादी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी को दंडित किया।
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि वादी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 21 मई 2015 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। पड़ोस के युवक मनोज उर्फ कल्लू यादव ने घर में घुसकर उसकी बेटी के साथ अश्लील हरकतें की और उसे बदनियती से दबोच लिया।
बेटी के शोर मचाने पर पड़ोस के लोग आ गए। इस पर आरोपी जान से मारने और चुप रहने की धमकी देकर भाग गया। वादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने विवेचना में रिपोर्ट सही पाई। पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर ने इसे गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए कठोर दंड देने की बहस की।
बचाव पक्ष ने 26 वर्षीय अविवाहित आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास न होने पर नरम दृष्टिकोण अपनाने की गुहार लगाई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने अभियुक्त मनोज उर्फ कल्लू यादव को चार साल के कठोर कारावास व 25 हजार रूपये अर्थदंड से दंडित किया।
हालांकि पीड़िता ने अभियुक्त को बचाने की नीयत से उसके पक्ष में बयान देकर पक्ष द्रोही हो गई, लेकिन वादी और अन्य साक्ष्यों की गवाही अभियुक्त को सजा से नहीं बचा सकी। कोर्ट ने अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतने की बात भी लिखी। जमा धनराशि से आधी धनराशि पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों एवं पुनर्वास की पूर्ति केे लए दिए जाने का भी आदेश दिया।