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औरैया : बेमौसम की बारिश से बाजरा, धान और उड़द को नुकसान

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औरैया। बेमौसम बारिश से धान, बाजरा और उड़द की फसल को नुकसान पहुंचा है। आलू और सरसों की बुआई का काम भी प्रभावित हो रहा है। टमाटर और लौकी की फसल भी प्रभावित हुई है।
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जिले में एक लाख चार हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल बोई गई है। इसमें 48 हजार हेक्टेयर में धान, 33 हजार हेक्टेयर में बाजरा व 400 हेक्टेयर में उड़द की फसल है। अक्तूबर का महीना खेत-खलिहान के लिए काफी अहम रहता है। इसी महीने में धान, बाजरा और पिछेती मक्का की पैदावार से किसानों के घर-आंगन भरने लगते हैं। सितंबर में हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान और बाजरा के साथ शिमला मिर्च को हुआ था।
धान और बाजरा खेतों में गिर गया था। हाल में ही मौसम ठीक हुआ तो किसानों को लगा सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन बुधवार से शुरू हुई रुक-रुक बारिश का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। बारिश से सबसे ज्यादा धान और बाजरा को नुकसान पहुंचाया है।
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तेज हवाएं चलने से धान की फसल खेत में गिर गई है। उड़द के अलावा टमाटर, लौकी और तरोई की फसल भी प्रभावित हुई है। धान की फसल में बारिश का पानी भर जाए तो उसकी अस्थायी नालियां बनाकर निकालें। शिमला और हरी मिर्च की फसल के खेतों में भी बारिश का पानी के निकास पर ध्यान दें। सब्जी फसलों में तरोई और लौकी में मचान पद्धति का इस्तेमाल करें। बारिश के दौरान किसी भी फसल में कीटनाशक का इस्तेमाल न करें।
खेत में पपड़ी जमने से दिक्कत
कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि इन दिनों हो रही बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान आलू व सरसों की बुआई कर चुके किसानों को है। बारिश के बाद खेत में पानी भरने से खेत में पपड़ी जमेगी। इससे बीज अंकुरित नहीं होगा। हो सके तो खेत में पानी न ठहरने दें। किसान एक सप्ताह बाद ही आगे की बुआई की तैयारी करें।
तीन दिन और बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुक्रवार रात से रविवार शाम तक तेज बारिश होने के आसार है। डॉ. अनंत कुमार के मुताबिक शुक्रवार को 10.1 एमएम, शनिवार को 17.3 व रविवार को 14 एमएम तक बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। नौ अक्तूबर के बाद मौसम साफ होगा।
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