फोटो 20 एयूआरपी-04-स्कूली वैन चेक करती एआरटीओ प्रर्वतन रेहाना बानो। संवाद
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औरैया। स्कूली वाहन मानकों की अनदेखी कर बच्चों को ला और ले जा रहे हैं। इससे नौनिहालों की जान को खतरा है। मानकविहीन वाहन और बच्चों की जिंदगी से हो रहे खिलवाड़ पर अभियान चलाकर ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित की गई। इसके बाद परिवहन विभाग हरकत में आया। बुधवार को एआरटीओ प्रवर्तन रेहाना बानो ने कई जगह चेकिंग अभियान चलाकर छह स्कूली वाहनों का चालान किया। इससे स्कूल और वैन संचालकों में हड़कंप रहा।
एआरटीओ प्रवर्तन रेहाना बानो ने बताया कि सुबह के समय 10 स्कूली वाहनों को रोककर जांच की गई। इसमें छह वाहन मानकविहीन और निजी वाहन होने के बाद व्यवसायिक प्रयोग में मिले। इस पर इनके चालान किए गए हैं।
बताया कि जिले में 200 में 120 वैन बिना मानक सड़कों पर दौड़ रही हैं। बच्चों की जिंदगी खतरे में डाल रहीं हैं। उन्हें कतई नहीं बक्शा जाएगा। बताया कि कुछ वाहनों में मानक से अधिक बच्चे मिले तो कुछ वाहनों के कई मानक अधूरे थे। एक स्कूली वैन अजीतमल क्षेत्र में पकड़ी गई, उसमें ठसाठस बच्चे भरे हुए थे। इस वैन के पीछे वाली सीट पर भी बच्चे ठूंसकर भरे थे।
स्कूली वैैन चेकिंग अभियान के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन को वैनों में किसी प्रकार के कोई मानक पूरे नहीं मिले। चालान की गई छह गाड़ियों का रंगा पीला नहीं था। खिड़कियों पर लोहे की रॉड व जाली नहीं थी। इसके अलावा प्राथमिक उपचार किट भी नहीं मिली।
अजीतमल रोड पर चेकिंग लगी देखकर एक स्कूल वैन के चालक ने गाड़ी भगा दी। वैन में बच्चे ठसाठस भरे हुए थे। फिर उसे पकड़ने के लिए एआरटीओ ने भी अपनी सरकारी गाड़ी से पीछा कर के पकड़ा और राजस्थान की गाड़ी का नंबर होने पर उसे पूरी कागज चेक किए। मानक पूरे न होने पर चालान किया। इस तरह कई और चालकों ने बचने के लिए गाड़ी भगाई।