दिबियापुर। सिंचाईं विभाग की जमीन खाली कराने के नोटिस की अंतिम तिथि नजदीक आते ही स्थानीय लोग परेशान हैं। मंगलवार को दिबियापुर नहर बाजार पहुंचे सांसद को स्थानीय लोगों ने ज्ञापन देकर जमीन खाली न कराए जाने की मांग की। सांसद ने आश्वस्त किया कि अगले एक माह कोई काम नहीं होगा और न ही कोई तोड़फोड़ होगी।
मंगलवार की सुबह सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के दिबियापुर आने की सूचना पर नहर बाजार में लोग इकट्ठा होना शुरू हो गए। यहां पर नहर बाजार में काफी हद तक बाजार बंद रहा। यहां पहुंचे सांसद को स्थानीय व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा। बताया कि वह लोग 70 वर्षों से सिंचाईं विभाग की भूमि पर किरायेदार के तौर पर रह रहे हैं। 1993 से सिंचाईं विभाग ने किराया लेना बंद कर दिया। वर्ष 2005 में विभाग ने जमीन खाली करने के नोटिस चस्पा कर दिए। इसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर अभी तक कोई निर्णय नहीं आया है।
बताया कि वह लोग सर्किल रेट पर मालिकाना हक देने की मांग कर चुके हैं। कहा कि नगर के बीच से विलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग फोरलेन न किया जाए। बल्कि दिबियापुर नगर के बाहर से बाईपास निकाला जाए। इससे दिबियापुर में तोड़फोड़ बच जाएगी। लोग बेघर और बेरोजगार होने से बच जाएंगे। इसके साथ ही बनने वाले नहर पुल को वर्तमान नहर पुल के ऊपर से ही बनाए जाने की मांग की। ताकि नहर पुल के लिए नहर बाजार के भवनों में तोड़फोड़ न हो।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव, सिंचाईं विभाग के अधिशासी अभियंता पीएस पटेल से सांसद ने बात की। सांसद ने आश्वस्त किया कि अगले एक माह में नहर पुल को लेकर कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से शासन स्तर पर लिखा-पढ़ी करने के लिए कहा। साथ ही आश्वस्त किया कि वह भी अपने स्तर से आवश्यक लिखा-पढ़ी करेंगे। सांसद की मौजूदगी में नए नहर पुल के लिए प्रस्तावित स्थल तक नापजोख भी की गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सांसद ने अगले एक माह तक काम रोके जाने का आश्वासन दिया है। यहां बता दें कि दिबियापुर में नया नहर पुल बनाए जाने को लेकर यहां 68 भवनों को नोटिस दिए गए हैं। नोटिस की मियाद 13 मार्च को पूरी हो रही है। जबकि सिंचाई विभाग की जमीन खाली करने के लिए 251 अन्य लोगों को भी नोटिस दिए हैं।
इसकी अंतिम तिथि 19 मार्च है। इधर, भाजपा के कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रभारी, प्रदेश महामंत्री, एमएलसी अनूप गुप्ता को भी स्थानीय लोगों ने ज्ञापन सौंपा।
काम रुका, तो शासन में वापस चला जाएगा रुपया
दिबियापुर में पुराना जर्जर नहर पुल 168 वर्ष पुराना है। इसके चलते जुलाई में नहर पुल पर भारी वाहनों का यातायात बंद कर दिया गया है। 3.22 करोड़ की लागत से बनने वाले नए पुल के लिए अक्तूबर में 2.58 करोड़ रुपये शासन से मिल चुके हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो स्थानीय लोगों के विरोध के चलते यदि नहर पुल का काम एक माह तक रुका तो मार्च में वित्तीय वर्ष की समाप्ति के चलते इसके लिए शासन से अवमुक्त धनराशि सरेंडर करनी पड़ेगी।
आधा घंटे तक नहर बाजार में रही जाम की स्थिति
सांसद के आगमन के चलते मंगलवार सुबह से ही स्थानीय लोग नहर बाजार में जुटने लगे थे। नहर बाजार में लोगों ने दुकानें भी बंद कर दीं थीं। सांसद के पहुंचने पर भीड़ के कारण नहर बाजार में जाम की स्थिति बन गई। आधा घंटे तक विलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग पर नहर बाजार में जाम की स्थिति रही।