अजीतमल। मौसम का मिजाज बिगड़ने लगा है। लोग बुरी तरह गर्मी से बेहाल है। यही कारण है कि लोग बीमार हो रहे है। इस कारण अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसमें खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। गंभीर मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 300 से 400 के करीब जा पहुंची है। इसमें पिछले तीन दिनों से लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। अपना उपचार कराने के लिए मरीजों को एक से डेढ़ घंटे तक लाइन में लगकर बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। डॉक्टर मनीष पुरवार ने बताया कि अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के आ रहे हैं।
तेज धूप के चलते लोग जैसे ही छांव में पहुंचते हैं तो ठंडा पानी और शीतल पेय पदार्थ का सेवन कर लेते हैं। इससे कुछ देर राहत तो मिलती है, लेकिन यह शरीर का तापमान बिगाड़ देता है जो बाद में बीमारी का रूप ले लेता है। धूप के चलते शरीर में पानी की कमी हो जाती है। लापरवाही से बीमारी होने लगती है। यही कारण है कि मौसम परिवर्तन के दिनों में भी मरीज बढ़ते हैं। तेज गर्मी और बदलते मौसम को देखते हुए मरीजों को सावधानी बरतनी होगी। बिधूना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में शुक्रवार को पहुंचे मरीजों की संख्या 252 रही। सीएचसी बिधूना अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि गर्मी से बचने के लिए दोपहर में जरूरी काम हो तभी घर से निकलें।
तरल पदार्थों का सेवन जरूर करें। इससे शरीर में पानी की पूर्ति होती रहे। बच्चों की ओआरएस पिलाएं। ओपीडी में मरीजों को देख रहे डॉक्टर मनीष त्रिपाठी ने बताया कि गर्मी बढ़ने से अस्पताल में बुखार जुखाम, खांसी के साथ सिर दर्द, पेट के साथ शरीर में अधिक थकान, तपन होने के बीमारी के मरीज आ रहे है।
बताया कि गर्मी में तरबूज, चना व सत्तू आदि खाए। अधिक पानी पिए। शरीर में पानी की कमी न होने दें। लू लगने से शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है। जो लोग तेज धूप में काम करते हैं, उन्हें लू लगने का खतरा ज्यादा होता है।