औरैया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र की हत्या के मामले में कोर्ट ने सभी सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों पर 30-30 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
सरकारी वकील (डीजीसी) अभिषेक मिश्रा ने बताया कि घटना नौ अक्तूबर 2015 की है। कोतवाली में वादी ज्ञानेंद्र दुबे निवासी परिहार टोला औरैया ने रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें बताया गया था कि उसका भाई जितेंद्र अपने दोस्त पारस पोरवाल व शशांक दुबे के साथ मिलकर अपनी दुकान के उद्घाटन के कार्ड बांट रहा था। नौ अक्तूबर को उनके परिचित अभि तिवारी निवासी जैतापुर औरैया घर पर आया और मेरे भाई जितेंद्र व दोनों दोस्त उसके साथ कार्ड बांटने गांव चले गए। रात नौ बजे तक जब जितेंद्र घर पर नहीं लौटा तो लोग उसे ढूंढने निकले। रास्ते में उन्होंने देखा कि सातों अभियुक्त सड़क पर सरिया, बेलचा व लाठियों से जितेंद्र व पारस को पीट रहे थे। लोगों के ललकारने पर अभियुक्त दोनों को मरणासन्न कर भाग गए। जितेंद्र को इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्रीश कुमार वैश्य ने हत्या में नामजद सभी अभियुक्तों पंचम, सर्वेश कुमार, दीनानाथ, सर्वेश, रमन लाल, सुजीत व अनीस को सजा सुनाई। सभी पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।