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Auraiya News: पोस्टमार्टम के 10 घंटे बाद उठा शहबदिया ग्राम प्रधान का शव

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया।
शहबदिया ग्राम प्रधान का शव पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे शव गांव पहुंचा। इधर गांव पहुंचे प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने हत्या अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने पर शव को नहीं उठने दिया। इस बीच अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सदर, सीओ सिटी ने समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। काफी समझाने के बाद 10 घंटे बाद गांव में ही अंतिम संस्कार कराया गया।
ग्राम प्रधान रमाकांत उर्फ रिंकू की हत्या की खबर से पूरे जिले के प्रधानों में रोष नजर आया। गुरुवार सुबह से ही गांव में प्रधान व संगठन के लोग पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के सामने घटना को लेकर विरोध जताया और शव नहीं उठने दिया। मामला बढ़ता देख काफी संख्या में गांव के चारों तरफ पुलिस बल तैनात कर दिया गया। आक्रोशित प्रधानों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इधर प्रधान संघ की ओर से डीएम व एसपी को मौके पर बुलाने की मांग की गई।
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मौके पर पहुंची जिलाधिकारी नेहा प्रकाश, एसपी चारु निगम, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी एमपी सिंह, एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने मृतक की पत्नी शीनू, भाई संजय कुमार समेत अन्य परिजनों से बात की। साथ ही उनकी मुआवजा संबंधी सभी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। लगभग 10 घंटे बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां चार बजे शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

स तरह हुई थी प्रधान की हत्या
शहबदिया के ग्राम प्रधान रमाकांत दोहरे (36) बुधवार रात गांव स्थित बंबा के पास बाइक खड़ी कर फोन पर बात कर रहे थे। इसी बीच पीछे से हमलावरों ने वार कर हत्या कर दी। बताया गया कि प्रधान के सिर पर गोली मारने के साथ धारदार हथियार से वार किया गया। पुलिस रात भर साक्ष्य तलाशती रही। पुलिस को घटना से जुड़ा अहम सुराग हाथ नहीं लगा। घटना को लेकर पूरे गांव के लोगों में आक्रोश व्याप्त है।


पोस्टमार्टम से अंतिम संस्कार स्थल तक पुलिस का रहा पहरा
प्रधान की हत्या को लेकर कई संगठन का लोग विरोध में दिखाई दिए। घटना में तनाव को देखते हुई एसपी ने आईजी को जानकारी दी। इस पर आईजी ने कानपुर देहात व इटावा की पुलिस भेज दी। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर अंतिम संस्कार स्थल तक आठ थानों का फाेर्स तैनात रहा।सीओ अजीतमल भरत पासवान को परिजनों से संपर्क कर दाह संस्कार कराए जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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प्रधान की मौत में सात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट
शहबदिया ग्राम प्रधान रमाकांत की हत्या के मामले में मृतक के भाई संजय कुमार दोहरे ने एक पत्रकार समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें भाई संजय कुमार ने बताया कि बुधवार शाम लगभग साढ़े आठ बजे उसके भाई रमाकांत के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। जिसके बाद रमाकांत बाइक लेकर गांव से लगभग तीन सौ मीटर दूर बने तालाब के पास सड़क पर पहुंचा ही था। कि तभी पहले से ही घात लगाए बैठे राहुल तिवारी उर्फ विनीत तिवारी, नजुमुद्दीन, विमलेश, विकास, तारबाबू व दो अज्ञात व्यक्तियों ने हमला कर दिया। बताया कि इस दौरान शौच क्रिया को गए गांव निवासी रविंद्र बाबू व गजेंद्र सिंह ने टार्च की रोशनी में उक्त लोगों को ग्राम प्रधान को जान से मारते देखा। पीड़ित भाई संजय ने बताया कि जब रविंद्र बाबू व गजेंद्र सिंह चिल्लाए तो वह अपने भाई राजकुमार के साथ घर से निकलकर घटना स्थल पर पहुंचे। तो नामजद लोगों को मारकर भागते देखा।

11 लोगों को लिया गया हिरासत में
कोतवाली प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि इस घटना में पांच नामजद समेत सात लोगों पर हत्या व अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है। इसमें विमलेश व तारबाबू, जिनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हैं वह भी शामिल हैं। जबकि अन्य नामजद हत्यारोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग
प्रधान की हत्या में गांव के ही पांच नामजद व दो अज्ञात लोगों के नाम सामने आने पर गांव में तनाव का माहौल रहा। परिजनों से के साथ प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रभान सिंह समेत जिले भर के प्रधानों में आक्रोश जताया और आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग की।

आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग उठाई
मृतक ग्राम प्रधान की पत्नी पत्नी शीनू, भाई संजय समेत अन्य परिजनों ने जिलाधिकारी नेहा प्रकाश, एसपी चारु निगम से आरोपियों को फांसी दिलाए जाने की मांग की। साथ ही अन्य लाभ दिलाने की मांग रखी। इस पर अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के तहत सवा चार लाख रुपये, मुख्यमंत्री राहत कोष के अलावा प्रधान दुर्घटना बीमा के तहत मिलने वाली धनराशि को दिलाए जाने का आश्वासन भी दिया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की स्थिति नहीं हुई स्पष्ट, बिसरा सुरक्षित
मृतक ग्राम प्रधान रमाकांत के शव की आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने से बिसरा सुरक्षित किया गया है। जिसको लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पसोपेश की स्थिति में हैं। रिपोर्ट में किसी हथियार से हत्या की गई है, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में अब बिसरा रिपोर्ट आने तक मौत की वजह पहेली बनकर रह गई है।
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