औरैया। शासन स्तर से तहसील, ब्लॉक व अन्य सरकारी विभागों में बाहरी लोगों से काम न कराए जाने को लेकर सख्त निर्देश हैं। विभागाध्यक्षों की ओर से एडीएम महेंद्र पाल सिंह को इस संबंध में शपथ पत्र भी दिया जा चुका है। बावजूद इसके पिछले तीन माह से शासन के इस फरमान को लगातार सदर तहसील में नजरअंदाज किया जा रहा है। आलम यह है कि बाहरी लोग अंदर की अहम फाइलें संभालते नजर आते हैं। पटल पर बैठकर अहम काम भी देख रहे है। जिसमें स्पष्ट रुप से अधिकारियों की अनदेखी व मनमाना रवैया दिख रहा है।
तहसील स्तर पर अधिवक्ता संगठन की ओर से पटलों पर सरकारी कर्मचारी के बजाय काम कर रहे बाहरी लोगों की ओर से अवैध वसूली किए जाने को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन दिए गए। प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं के संगठन की मांग को देखते हुए तीन माह पूर्व शासन स्तर से बाहरी लोगों से तहसील, ब्लॉक व अन्य सरकारी विभागों में काम न कराने के निर्देश दिए गए। अधिवक्ताओं का आरोप था कि बाहरी लोग तहसील पहुंचने वाले लोगों से काम कराने के बदले धन उगाही करते हैं। पीड़ितों को समस्या निस्तारण कराने के बदले जेब ढीली करनी पड़ती है। मामले में जिले के सभी सरकारी विभागों के अध्यक्षों से एडीएम ने इस बावत शपथ पत्र भी मांगे। अहम बात यह है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर से शपथ पत्र दिए जाने के बाद भी आदेशों की अनदेखी की जा रही है। शनिवार को तहसील में की गई पड़ताल के दौरान फिलहाल कई बाहरी लोग काम करते नजर आते हैं। एसडीएम के सामने कमरे में एक युवक कंप्यूटर पर प्रमाण पत्र की फाइलों को देखता नजर आता है। वहीं अन्य कमरों भी ऐसा ही आलम प्रमाण पत्र देने के बाद भी इन बाहरी लोगों का दखल कहीं न कहीं अधिकारियों की ओर से शासन के फरमान की अनदेखी करने पर वह सवालों के घेरे में आ आ रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार-
तहसील में बाहरी लोग काम न करें इस संबंध में लगातार नजर रखी जा रही है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।-अखिलेश कुमार सिंह, सदर एसडीएम