संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश की अध्यक्षता में कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण के तहत जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। इस दौरान मौजूद किसानों को मुनाफेदार फसल उगाने की तरकीबें समझाई गई।
जिलाधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु संबंधित विभागों से जानकारी करने की सलाह देकर प्रोत्साहित किया। फसलों में डीएपी एवं यूरिया खाद का कम प्रयोग करने एवं ऑर्गेनिक फार्मिंग करने की सलाह दी। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि समय-समय पर गोष्ठियों के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों द्वारा नवीनतम तकनीकी जानकारी दी जाती है। जिसका प्रयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
किसान गोष्ठी तभी सार्थक होगी जब किसान खेती में ऐसा काम करें, जिससे जिले को नई पहचान मिले। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने जनपद में खाद, बीज की उपलब्धता से अवगत कराते हुए कृषि विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। नैनो यूरिया के बारे में जानकारी दी। खेतों में अधिक मात्रा में यूरिया का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो रही है। स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने किसानों को धान, गेहूं एवं तिलहनी फसलों में होने वाले कीट व्याधि रोगों की रोकथाम हेतु जानकारी दी। जिला उद्यान अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने ड्रॉप मोर क्राॅप एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्य खाद उद्योग उन्नयन योजना के बारे में अवगत कराया।
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दैवीय आपदा से फसल नष्ट होने पर 72 घंटे के अंदर दें सूचना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान दैवीय आपदा से फसल नष्ट होने पर 72 घंटे के अंदर जानकारी देकर मुआवजा पा सकते हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए फसल बीमा के प्रतिनिधि धीरज गुप्ता ने बताया कि फसल नष्ट होने पर मुआवजे को लेकर 72 घंटे अंदर सूचना दी जानी चाहिए। इसके लिए टोल फ्री नंबर 7007280760 भी जारी किया गया है।