अछल्दा। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के अछल्दा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह आत्महत्या के इरादे से ट्रैक से गुजर रही ट्रेन के आगे लेखपाल हाथ जोड़कर खड़ा हो गया। चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। आरपीएफ ने गंभीर हालत में लेखपाल को सीएचसी पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सैफई रेफर कर दिया।
बिधूना निवासी चंद्रपाल राजपूत (50) एरवाकटरा क्षेत्र में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। बुधवार को वह अछल्दा रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे। इसी बीच कानपुर की ओर से अप लाइन पर वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस संख्या 03109 ट्रेन को आते देख चंद्रपाल रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए। यह देख स्टेशन पर मौजूद लोगों में खलबली मच गई। ट्रैक पर आ रही वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस के चालक ने ट्रैक के बीचोबीच किसी को खड़े देखा तो उसने हार्न बजाया, लेकिन लेखपाल ट्रैक से नहीं हटा।
इससे पहले कि रेलवे लोको पायलट ट्रेन को रोक पाता, तब तक चंद्रपाल ट्रेन के इंजन की चपेट में आकर उसमें फंस गया। इससे उसका एक पैर ट्रैक पर रगड़कर बुरी तरह से जख्मी हो गया। लोको पॉयलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। साथ ही स्टेशन मास्टर को पूरे मामले की सूचना दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे आरपीएफ के जवानों ने चंद्रपाल को इंजन से किसी तरह से निकाला। जहां एंबुलेंस से तत्काल उनको सीएचसी अछल्दा में भर्ती कराया। जहां मौजूद डॉक्टर गौरव ने इलाज के बाद हालत गंभीर देख सैफई रेफर कर दिया। इस बीच वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस लगभग 22 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही। इससे पीछे से आ रही मालगाड़ी और टाटा नई दिल्ली एक्सप्रेस को आउटर के होम सिग्नल पर ही रोकना पड़ा।
इधर गंभीर हालत में लहूलुहान लेखपाल की जेब की तलाशी ली गई तो उसमें से इटावा जाने के लिए मेमो का एक टिकट निकला। साथ ही एक कागज भी निकला जिसमें घर का पता लिखा था। इस पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही घायल लेखपाल का छोटा बेटा सत्यम सीएचसी पहुंच गया। इस संबंध में तहसीलदार बिधूना रनवीर सिंह ने बताया कि वह हादसे में घायल लेखपाल चंद्रपाल को देखने सैफई आए हुए हैं। जहां वह बेहोशी की हालत में है। घटना के पीछे की क्या वजह से इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल अभी कारणों का पता नहीं चल सका है।
इनसेट-
प्वाइंट मरम्मत के चलते कॉशन देकर धीमी गति से निकाली जा रही थी ट्रेन से बची जान
अछल्दा रेलवे स्टेशन की डाउन लाइन पर लूप लाइन के खराब चल रहे प्वाइंट की मरम्मत का काम चल रहा है। इसके चलते ट्रैक से कॉशन देकर ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जा रहा है। बुधवार को इसी बीच किसी बात से क्षुब्ध लेखपाल चंद्रपाल ट्रैक पर आत्महत्या के इरादे से ट्रेन के सामने खड़े हो गए। गनीमत यह रही कि कॉशन के चलते ट्रेन धीमी गति से निकल रही थी। इससे वह केवल घायल हुए। यदि रुटीन की तरह ट्रेन अपनी निर्धारित गति से निकल रही होती तो शरीर के परखचे भी उड़ सकते थे।