रुरुगंज। गोवंशों के संरक्षण में कई जगह लापरवाही बरती जा रही है। बिधूना ब्लाॅक की ग्राम पंचायत पीताराम रुरुगंज की गोशाला में सूखी मक्का की कर्वी खाने को मवेशी मजबूर हैं। बीमारी की हालत में एक सप्ताह के अंदर करीब छह मवेशियों ने दम तोड़ दिया है।
वहीं कई दिनों से बीमार एक मवेशी ने बुधवार को दम तोड़ दिया। गोशाला में आधा दर्जन से ज्यादा मवेशी बीमारी हालत में परिसर में पड़े हुए हैं, जिनकी सुध शायद ठीक से ली जाए तो जान बच सकती है। वहीं गांव निवासी शिवम कुमार, हिमाशु कुमार, मुकेश कुमार ने बताया कि गोशाला में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते बीमार मवेशी का उपचार ठीक से नहीं हो पा रहा है। गोशाला में तीन गो सेवक है।
ठीक ढंग से दाना चारा पानी न मिलने की कारण मवेशी कमजोरी हालत में दम तोड़ रहे हैं। गोशाला की हालत दयनीय बनी हुई है। मवेशियों को भरपेट चारा भी नसीब नहीं हो रहा है। एक माह में करीब आधा दर्जन मवेशियों की मौत हो चुकी है। गोशाला समुचित पानी व्यवस्था भी नहीं है। सूत्रों की माने तो मृतक गोवंशों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जा रहा है।
वहीं गोशाला में संरक्षण पा रहे गोवंश की संख्या में 87 थी। जो घटकर 80 रह गई है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी आरएन पांडेय ने बताया कि गोशाला में बीमार पड़े गोवंशों की जानकरी नहीं है। शीघ्र ही डॉक्टरों की टीम भेज कर इलाज कराया जाएगा। गोशाला की व्यवस्थाओं को जांचा जाएगा।